Vitamin D Deficiency In Hindi: आज की डिजिटल दुनिया में मोबाइल और टीवी के चलते हम धूप में निकलना जैसे भूल ही गए हैं. कार और एसी की सुविधा इतनी हावी हो चुकी है कि कुछ देर की धूप भी हमें असहज लगने लगी है. लेकिन क्या आप जानते हैं? यही आदतें हमारे शरीर में विटामिन D की भारी कमी पैदा कर रही हैं.
पहले यह समस्या सिर्फ़ महिलाओं में देखी जाती थी, मगर अब पुरुषों और बच्चों को भी इसकी मार झेलनी पड़ रही है. विटामिन D की कमी को नज़रअंदाज़ करना कई गंभीर बीमारियों को न्योता देने जैसा है. तो आइए जानें, इससे बचने के लिए हमें क्या करना चाहिए!
विटामिन D हमारी हड्डियों को मजबूत बनाए रखने में अहम भूमिका निभाता है. इसकी भारी कमी होने पर शरीर में कैल्शियम की मात्रा घटने लगती है, जिससे हड्डियां कमजोर हो जाती हैं और फ्रैक्चर का खतरा बढ़ जाता है.
अध्ययनों में पाया गया है कि विटामिन D की कमी मानसिक स्वास्थ्य को भी प्रभावित कर सकती है. इसकी कमी से व्यक्ति अधिक तनावग्रस्त और डिप्रेस महसूस कर सकता है.
न्यूरोलॉजिकल शोध बताते हैं कि बुजुर्गों में अल्जाइमर और डिमेंशिया जैसी बीमारियों का एक कारण विटामिन D की कमी हो सकती है. इस स्थिति में व्यक्ति को सोचने और याद रखने में कठिनाई होती है.
अगर शरीर में विटामिन D की कमी बनी रहे, तो यह दिल की सेहत पर बुरा असर डाल सकता है. इससे हाई ब्लड प्रेशर, एथेरोस्क्लेरोसिस (धमनियों में रुकावट) और स्ट्रोक जैसी समस्याओं का खतरा बढ़ जाता है.
शरीर में विटामिन D की कमी इंसुलिन के स्तर को प्रभावित कर सकती है, जिससे टाइप 2 डायबिटीज होने का खतरा बढ़ जाता है.
नोट: यह लेख केवल सामान्य जानकारी के लिए है. इसे केवल सुझाव के तौर पर लें. इस तरह की किसी भी जानकारी पर अमल करने से पहले डॉक्टर या किसी विशेषज्ञ की सलाह जरूर लें. (Photo Credit- Pinterest)