पाकिस्तान के खैबर पख्तूनख्वा क्षेत्र में मंगलवार शाम को एक सैन्य अड्डे के निकट दो बम विस्फोट हुए। इन धमाकों का उद्देश्य सैन्य अड्डे की दीवार को तोड़ना था, जिससे अन्य हमलावरों को परिसर में घुसने का अवसर मिला।
एक समाचार एजेंसी की रिपोर्ट के अनुसार, इस हमले में सुरक्षा बलों के साथ मुठभेड़ में कम से कम नौ लोग मारे गए और 35 अन्य घायल हुए। आतंकवादियों ने रमजान के महीने में इफ्तार के समय बन्नू छावनी को निशाना बनाया।
आतंकी हमले की आशंका
सूत्रों के अनुसार, जैश उल फुरसान नामक आतंकी समूह, जिसने हाल ही में तहरीक-ए-तालिबान पाकिस्तान (टीटीपी) के साथ गठबंधन किया है, इस हमले के पीछे हो सकता है। सोशल मीडिया पर हमले के दृश्य में विस्फोटों के बाद आसमान में धुआं और गोलियों की आवाज सुनाई दे रही है।
सूत्रों ने बताया कि हमले के दौरान पांच से छह आतंकवादियों ने ध्यान भटकाने के लिए दो आत्मघाती कार बमों का उपयोग किया। इससे पहले, 28 फरवरी को इसी प्रांत में एक मदरसे में आत्मघाती हमलावर द्वारा किए गए विस्फोट में एक प्रमुख तालिबान समर्थक मौलवी और चार अन्य लोग मारे गए थे।
मरने वालों में चार बच्चे भी शामिल
हालांकि सेना ने किसी हताहत की पुष्टि नहीं की है, लेकिन बन्नू जिला अस्पताल के अधिकारियों ने बताया कि इस हमले में कम से कम नौ लोग मारे गए, जिनमें चार बच्चे भी शामिल थे।