चैंपियंस ट्रॉफी 2025 के पहले सेमीफाइनल में भारत ने ऑस्ट्रेलिया को 4 विकेट से हराकर शानदार जीत हासिल की है। इस जीत के साथ ही भारतीय टीम ने फाइनल में अपनी जगह बना ली है, जिससे पाकिस्तान की उम्मीदें भी चुराई गई हैं।
हालांकि, मेज़बान होने के बावजूद पाकिस्तान अपने देश में फाइनल मैच का आयोजन नहीं कर पाएगा। 29 वर्षों बाद किसी आईसीसी इवेंट की मेज़बानी कर रहे पाकिस्तान का सपना था कि खिताबी मुकाबला लाहौर में हो, लेकिन अब यह मैच दुबई में खेला जाएगा।
1000 करोड़ खर्च करके भी नहीं हुआ फायदा
पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड के चेयरमैन मोहसिन नकवी ने चैंपियंस ट्रॉफी 2025 के आयोजन के लिए काफी मेहनत की थी। बोर्ड ने तीन स्टेडियमों को तैयार करने में लगभग 1800 करोड़ पाकिस्तानी रुपये खर्च किए। इस काम को पूरा करने में 117 दिन लगे। लाहौर के गद्दाफी स्टेडियम पर सबसे अधिक खर्च किया गया था, क्योंकि फाइनल यहीं होना था। लेकिन इस खर्च का कोई लाभ नहीं हुआ।
इतनी मेहनत और खर्च के बाद, मोहसिन नकवी और पाकिस्तानी पीएम शहबाज शरीफ ने उम्मीद की थी कि उनकी टीम लाहौर में चैंपियंस ट्रॉफी का खिताब जीतेगी। लेकिन फाइनल तो दूर, पाकिस्तान की टीम एक भी मैच लाहौर में नहीं खेल सकी। ग्रुप स्टेज में उनका कोई मैच लाहौर में निर्धारित नहीं था।
चैंपियंस ट्रॉफी के शुरू होने से पहले, बीसीसीआई ने भारतीय खिलाड़ियों को पाकिस्तान भेजने से मना कर दिया था। इसके बाद, टूर्नामेंट को हाइब्रिड मॉडल पर आयोजित करने का निर्णय लिया गया। पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड ने सभी भारतीय मैच दुबई में निर्धारित किए। इस कारण सेमीफाइनल में क्वालिफाई करने वाली ऑस्ट्रेलिया और साउथ अफ्रीका को भी दुबई जाना पड़ा।