हिंदू मान्यताओं में हमें अनेक देवी-देवताओं के चमत्कारी स्वरूप देखने और सुनने को मिलते हैं। ऐसा ही एक चमत्कारी मंदिर जयपुर जिले के गड्डी गांव में स्थित बुधालय बालाजी का है। जहां विशेष पूजा-अर्चना करने से गांव में बारिश शुरू हो जाती है। ग्रामीण कई वर्षों से इस मान्यता को मानते आ रहे हैं।
मंगलवार और शनिवार को यहां भक्त मांगते हैं मनोकामनाएं
ग्रामीण बताते हैं कि जब गांव में बारिश नहीं होती है तो सभी ग्रामीण बुधालय बालाजी मंदिर पहुंचकर विशेष पूजा-अर्चना करते हैं और ऐसा करने से गांव में बारिश शुरू हो जाती है। जयपुर जिले के गड्डी गांव में स्थित बुधालय बालाजी खेतों के रेतीले क्षेत्र में स्थित है। मंदिर के गर्भगृह में एक विशाल मूर्ति विराजमान है। मंदिर के एक हिस्से में एक बड़ा बरामदानुमा भवन बना हुआ है। मंदिर के बाहर एक विशाल खेजड़ी का पेड़ भी है। मंगलवार और शनिवार को यहां भक्त आते हैं और मनोकामनाएं मांगते हैं।
बहुत चमत्कारी है मूर्ति
गड्डी गांव में स्थित बुधालय बालाजी की मूर्ति चमत्कारी मानी जाती है। श्रद्धालु रमेश कुमार ने बताया कि यह मंदिर किसानों के लिए खास है। मान्यता है कि यह मूर्ति वर्षा के देवता के रूप में विराजमान है। गांव में जब भी फसलों के लिए बारिश की आवश्यकता होती है, तो ग्रामीण बड़ी मात्रा में घर में बने पकवान लेकर मूर्ति के सामने भोग लगाते हैं और विशेष पूजा-अर्चना करते हैं, ताकि बारिश शुरू हो जाए। यह मान्यता कई वर्षों से चली आ रही है। यहां दूर-दूर से श्रद्धालु आते हैं। मंगलवार और शनिवार को यहां विशेष पूजा-अर्चना होती है। ग्रामीण अपने परिवार के हर शुभ कार्य की शुरुआत इसी मंदिर में पूजा-अर्चना करके करते हैं।
मंदिर की अनूठी संरचना
जयपुर जिले के गड्डी गांव में स्थित इस मंदिर की संरचना खास और ऐतिहासिक मानी जाती है। विशाल क्षेत्र में स्थित श्री बुधालय बालाजी मंदिर के चारों ओर बरामदेनुमा भवन बना हुआ है। मंदिर के मध्य भाग में गर्भगृह स्थित है, जबकि भक्तों के भजन-कीर्तन के लिए बड़े परिसर में विशाल भवन बनाया गया है। मंदिर के एक हिस्से में हवादार खिड़कियां भी लगी हुई हैं। श्रद्धालुओं का कहना है कि इस मंदिर की संरचना बहुत ही सुंदर और अनोखी है, इस मंदिर का निर्माण ग्रामीणों के सहयोग से किया गया है।