pc: Hindustan Times
इस बजट में सरकार ने नई कर व्यवस्था के तहत 12 लाख रुपये तक की आय को कर मुक्त कर दिया है। वेतनभोगी वर्ग के लिए 75,000 रुपये की मानक कटौती भी है।
टैक्स लगाया गया
इसका मतलब है कि वेतनभोगी कर्मचारियों के 12.75 लाख रुपये तक के सालाना वेतन पर कोई कर नहीं लगेगा।
करोड़ों कर्मचारियों का वेतन बढ़ने वाला है
यह व्यवस्था नए वित्तीय वर्ष यानी 1 अप्रैल 2025 से लागू हो गई है। ऐसे में करोड़ों कर्मचारियों का वेतन बिना किसी मूल्यांकन के बढ़ने वाला है।
अभी तक 1 लाख रुपये वेतन वाले व्यक्ति को 71,500 रुपये टैक्स देना पड़ता था
पिछली नई कर व्यवस्था के तहत 1 लाख रुपये मासिक (12 लाख रुपये सालाना) कमाने वाले व्यक्ति मार्च 2025 तक 71,500 रुपये आयकर देते थे, जो कि 5,958 रुपये मासिक के बराबर है।
1 लाख रुपए सैलरी वाले लोगों को अब कितना फायदा मिलेगा?
1 अप्रैल 2025 से नई टैक्स व्यवस्था के तहत 12.75 लाख रुपए तक की आय टैक्स-फ्री है। 1 लाख रुपए महीने कमाने वाले लोगों को उनके टेक-होम वेतन में 5,958 रुपए की बढ़ोतरी होगी। इससे पहले नई व्यवस्था के तहत सिर्फ 7 लाख रुपए तक की आय ही टैक्स-फ्री थी। 2025 के बजट में इस सीमा को 5 लाख रुपए बढ़ाकर 12 लाख रुपए कर दिया गया, जिसका सीधा फायदा मध्यम वर्ग को मिला।
नई टैक्स व्यवस्था क्यों फायदेमंद है?
1 अप्रैल 2025 से नई टैक्स व्यवस्था डिफॉल्ट है। आपको इसके फायदे अपने-आप मिलने लगेंगे। करदाता चाहें तो पुरानी व्यवस्था को भी चुन सकते हैं। पुरानी टैक्स व्यवस्था अभी भी किसके लिए फायदेमंद है? पुरानी कर व्यवस्था से एचआरए पाने वाले, होम लोन चुकाने वाले या म्यूचुअल फंड, एलआईसी, मेडिकल इंश्योरेंस या सरकारी योजनाओं में निवेश करने वालों को फायदा होता है।
1 करोड़ करदाताओं को सीधे लाभ होगा
वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण के अनुसार, नए टैक्स स्लैब में बदलाव से 1 करोड़ करदाताओं को सीधे लाभ होगा और उन्हें अब टैक्स नहीं देना पड़ेगा।