बाड़मेर गुरुकुल में बच्चे के साथ यातना मामला: राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग ने संज्ञान लिया
Samachar Nama Hindi August 30, 2025 03:42 PM

राजस्थान: बाड़मेर के गुरुकुल में 11 साल के बच्चे को गर्म रॉड से दागने के मामले में राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग (NHRC) ने संज्ञान लिया है। आयोग ने जिला कलेक्टर और जिला पुलिस अधीक्षक से दो हफ्ते में जवाब तलब किया है।

यह मामला बाड़मेर के सेड़वा इलाके के हरपालिया गांव में स्थित गुरुकुल से जुड़ा है। हरपालेश्वर महादेव मंदिर ट्रस्ट की ओर से वर्ष 2022 से घुमंतू, गरीब और अनाथ बच्चों के लिए यह गुरुकुल चलाया जा रहा था। घटना 17 अगस्त की बताई जा रही है।

इस मामले का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद लोगों में गहरी चिंता और आक्रोश देखा गया। वीडियो में देखा गया कि बच्चे को जिस तरह से गर्म रॉड से दागा गया, वह बेहद हैवानियतपूर्ण है। स्थानीय प्रशासन और पुलिस ने तुरंत कार्रवाई करते हुए आरोपी को हिरासत में ले लिया।

राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग ने मामले की गंभीरता को देखते हुए जिला प्रशासन और पुलिस से रिपोर्ट तलब की है। आयोग ने नोटिस जारी कर स्पष्ट किया कि रिपोर्ट में यह बताना आवश्यक है कि आरोपी पर क्या कार्रवाई की गई और बच्चों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए कौन से कदम उठाए गए।

गुरुकुल के संचालन का जिम्मा हरपालेश्वर महादेव मंदिर ट्रस्ट के पास है। ट्रस्ट ने वर्ष 2022 से बच्चों की शिक्षा और पालन-पोषण के लिए यह गुरुकुल शुरू किया था। लेकिन इस घटना ने ट्रस्ट की साख को गंभीर रूप से प्रभावित किया है।

पुलिस अधिकारियों ने बताया कि आरोपी को हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है। मामले की जांच के दौरान सभी प्रमाण जुटाए जा रहे हैं और बच्चों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए आवश्यक कदम उठाए जा रहे हैं। पुलिस ने जनता से अपील की है कि इस मामले में अफवाहों पर ध्यान न दें और जांच के पूरा होने तक धैर्य बनाए रखें।

विशेषज्ञों का कहना है कि इस तरह की घटनाएं बच्चों की सुरक्षा और उनके अधिकारों के प्रति संवेदनशीलता की कमी को दर्शाती हैं। उन्होंने अपील की है कि सभी बच्चों के साथ समान व्यवहार और सुरक्षा सुनिश्चित करना अत्यंत आवश्यक है।

राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग के नोटिस से यह स्पष्ट हो गया है कि सरकार और प्रशासन इस घटना को गंभीरता से ले रहे हैं। आयोग ने दो हफ्ते में पूरी रिपोर्ट मांगी है, ताकि घटना में शामिल जिम्मेदारों के खिलाफ उचित कार्रवाई की जा सके।

इस घटना ने बाड़मेर जिले में बच्चों की सुरक्षा और गुरुकुलों में बच्चों के अधिकारों पर सवाल खड़े कर दिए हैं। स्थानीय प्रशासन और ट्रस्ट के लिए यह समय बच्चों की सुरक्षा और अनुशासनात्मक सुधार सुनिश्चित करने का चुनौतीपूर्ण मोड़ है।

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