बिहार में विपक्षी नेताओं की 'वोटर अधिकार यात्रा' के दौरान तनाव और विवाद बढ़ते जा रहे हैं। कांग्रेस नेता राहुल गांधी और तेजस्वी यादव की यात्रा के छपरा पहुंचने पर जहां समर्थकों ने उनका जोरदार स्वागत किया, वहीं एक नया विवाद सामने आ गया है।
यह विवाद तब शुरू हुआ जब कांग्रेस नेताओं के खिलाफ बीजेपी सांसद दिनेश मकवाणा ने एक धमकी दी। उन्होंने कहा कि अगर कांग्रेस पार्टी ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के बारे में की गई विवादास्पद टिप्पणियों पर माफी नहीं मांगी, तो राहुल गांधी को गुजरात में घुसने नहीं दिया जाएगा। यह बयान उस समय सामने आया जब कांग्रेस नेता राहुल गांधी और तेजस्वी यादव की यात्रा में विरोधियों की ओर से राजनीतिक बयानबाजी तेज हो गई है।
क्यों बढ़ा विवाद?यह विवाद दरअसल उस बयान के बाद गहरा हुआ, जिसमें कांग्रेस के एक नेता ने प्रधानमंत्री मोदी के बारे में अपशब्द कहे थे। इसके बाद बीजेपी ने कांग्रेस पर हमला बोलते हुए माफी की मांग की थी, और अब बीजेपी सांसद दिनेश मकवाणा की यह धमकी राजनीति में तूल पकड़ने लगी है। यह घटना आने वाले चुनावों में बीजेपी और कांग्रेस के बीच बढ़ते राजनीतिक तनाव को और भी हवा दे सकती है।
वोटर अधिकार यात्रा का उद्देश्यवहीं, राहुल गांधी और तेजस्वी यादव की वोटर अधिकार यात्रा का उद्देश्य लोगों को अपने वोटिंग अधिकारों के प्रति जागरूक करना और लोकतंत्र में उनकी भूमिका को समझाना है। यात्रा के दौरान विपक्षी नेता चुनावी मुद्दों को प्रमुखता से उठाते हुए बीजेपी पर लोकतंत्र को कमजोर करने के आरोप लगा रहे हैं।
इस यात्रा को लेकर कई राजनीतिक दलों ने भी अपनी प्रतिक्रियाएं दी हैं, जिससे राज्य में सियासी माहौल और गर्मा गया है।
बीजेपी और कांग्रेस की आरोप-प्रत्यारोप की राजनीतिइस घटना ने एक बार फिर बीजेपी और कांग्रेस के बीच बढ़ते आरोप-प्रत्यारोप को दिखा दिया है, जिससे बिहार विधानसभा चुनाव 2025 के आस-पास की राजनीति में विपक्षी दलों के बीच कांटे की टक्कर की संभावना और भी बढ़ जाती है।
यहां पर एक महत्वपूर्ण सवाल यह भी उठता है कि क्या यह विवाद चुनावी राजनीति में नकारात्मक प्रभाव डालेगा या इसे सिर्फ एक राजनीतिक ड्रामा के रूप में देखा जाएगा।