नई दिल्ली: साल 2026 की शुरुआत केंद्र सरकार के लाखों कर्मचारियों और पेंशनभोगियों के लिए खुशियों की सौगात लेकर आई है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की कैबिनेट से हरी झंडी मिलने के बाद आज, 1 जनवरी 2026 से 8वां वेतन आयोग (8th Pay Commission) आधिकारिक तौर पर लागू हो गया है। सरकार के इस ऐतिहासिक फैसले का सीधा असर लगभग 50 लाख सेवारत कर्मचारियों और 65 लाख पेंशनभोगियों की जेब पर पड़ेगा। 2015 में आए 7वें वेतन आयोग के बाद यह सबसे बड़ा बदलाव है, जिससे बढ़ती महंगाई के दौर में सरकारी कर्मचारियों को बड़ी राहत मिलने की उम्मीद है।
सैलरी में कितनी होगी बढ़ोतरी?8वें वेतन आयोग के लागू होने से कर्मचारियों की बेसिक सैलरी में जबरदस्त उछाल देखने को मिल सकता है। सूत्रों और मीडिया रिपोर्ट्स की मानें तो नए फिटमेंट फैक्टर के लागू होने के बाद न्यूनतम मूल वेतन (Minimum Basic Salary) 18,000 रुपये से बढ़कर सीधे 51,480 रुपये तक पहुंच सकता है। हालांकि, सरकार ने अभी तक वेतन वृद्धि के अंतिम प्रतिशत पर आधिकारिक मुहर नहीं लगाई है, लेकिन विशेषज्ञों का मानना है कि इस बार की वृद्धि कर्मचारियों के चेहरे पर मुस्कान लाने वाली होगी।
फिटमेंट फैक्टर और सैलरी का नया गणितवेतन वृद्धि को समझने के लिए फिटमेंट फैक्टर सबसे अहम कड़ी है। विशेषज्ञों के अनुसार, यदि सरकार फिटमेंट फैक्टर को 2.15 के स्तर पर रखती है, तो लेवल 1 (ग्रुप D) के कर्मचारियों की सैलरी में करीब 20,700 रुपये की सीधी बढ़ोतरी होगी। वहीं, प्रशासनिक सेवाओं के शीर्ष अधिकारियों (लेवल 18) की बेसिक सैलरी 2.50 लाख रुपये से बढ़कर 5.37 लाख रुपये से भी ऊपर जा सकती है। सरकार का मुख्य उद्देश्य महंगाई के इस दौर में कर्मचारियों की क्रय शक्ति (Purchasing Power) को बढ़ाना है।
महंगाई भत्ते (DA) को लेकर सरकार ने क्या कहा?सोशल मीडिया पर चल रही उन अफवाहों पर भी सरकार ने विराम लगा दिया है, जिनमें दावा किया जा रहा था कि नए नियमों के बाद पेंशनभोगियों को महंगाई भत्ता (DA) नहीं मिलेगा। सरकार ने स्पष्ट किया है कि महंगाई भत्ता और वेतन आयोग के लाभ किसी भी पात्र कर्मचारी से नहीं छीने जाएंगे। ये लाभ केवल तभी रोके जा सकते हैं जब कर्मचारी किसी गंभीर कदाचार या बर्खास्तगी का सामना कर रहा हो। आम परिस्थितियों में सभी को डीए का लाभ मिलता रहेगा।
अलग-अलग लेवल पर होगा मोटा फायदानए वेतन आयोग का लाभ सरकारी सेवा के सभी 18 लेवल्स पर बड़े स्तर पर दिखेगा। लेवल 5 के कर्मचारी, जो वर्तमान में 29,200 रुपये बेसिक पा रहे हैं, उनकी सैलरी बढ़कर 62,780 रुपये होने की संभावना है। इसी तरह लेवल 10 से 12 के ग्रुप B कर्मचारियों और लेवल 13 से 18 के ग्रुप A अधिकारियों के वेतन में भी लाखों रुपये का अंतर आएगा। यह संशोधन न केवल निचले स्तर के कर्मियों बल्कि वरिष्ठ अधिकारियों के लिए भी बड़ा आर्थिक बूस्ट साबित होगा।
अर्थव्यवस्था को मिलेगी नई रफ्तार8वें वेतन आयोग के गठन के पीछे सरकार का लक्ष्य राजकोषीय स्थिरता और कर्मचारियों की जरूरतों के बीच संतुलन बनाना है। करीब 2.57 तक के संभावित फिटमेंट फैक्टर के साथ सरकार एक करोड़ से अधिक परिवारों की आर्थिक स्थिति सुधारना चाहती है। जानकारों का कहना है कि जब कर्मचारियों के हाथ में ज्यादा पैसा आएगा, तो बाजार में मांग बढ़ेगी, जिससे देश की जीडीपी और अर्थव्यवस्था को भी मजबूती मिलेगी।