'जिंदगी में खराब नहीं हो सकती किडनी' रामदेव ने कहा-खाओ 5 चीजें, किडनी से विषाक्त निकालने का देसी उपाय
Newshimachali Hindi January 03, 2026 06:42 AM

बाबा रामदेव का मानना है कि अगर कोई व्यक्ति रोज हरे धनिए की चटनी खाए, तो किडनी खराब होने का खतरा काफी कम हो जाता है। धनिया शरीर से टॉक्सिन निकालता है और किडनी को साफ रखता है। 

किडनी जब ठीक से काम नहीं करती, तो खून में मौजूद टॉक्सिन और गंदगी बाहर नहीं निकल पाती, जिससे शरीर में जहर जैसा असर होने लगता है। सूजन, उलटी, थकान, सांस फूलना, भूख कम लगना और पेशाब में बदलाव जैसी समस्याएं शुरू हो जाती हैं।

किडनी खराब होने से क्या होता है? लंबे समय तक किडनी खराब रहने पर दिल की बीमारी, हाई ब्लड प्रेशर और एनीमिया का खतरा भी बढ़ जाता है। समय पर इलाज न मिले तो किडनी फेल होने की स्थिति तक पहुंच सकती है।

योग गुरु बाबा रामदेव का मानना है कि किडनी को स्वस्थ रखने के लिए आयुर्वेद में कई ऐसी प्राकृतिक चीजें बताई जाती हैं, जो शरीर को अंदर से साफ करती हैं। इनमें सबसे ज्यादा उपयोग होने वाली चीज है गोखरू है जिसे पानी में उबालकर पीने से पेशाब की जलन, सूजन और किडनी से जुड़ी कई समस्याओं में राहत मिलती है। इसके साथ ही धनिया की चटनी भी किडनी के लिए बहुत फायदेमंद माना जाता है। हरे धनिया की चटनी 

बाबा रामदेव ने बताया (ref.) कि हर घर में बनने वाली हरी चटनी सिर्फ स्वाद के लिए नहीं, बल्कि सेहत का खजाना है। इसे बनाना बहुत आसान है और यह कई तरह से शरीर को फायदा देती है। चटनी में आप हरा धनिया, थोड़ी हरी मिर्च, थोड़ा टमाटर, कुछ तुलसी पत्ते मिला सकते हैं।


हरी चटनी के फायदे

बाबा ने बताया कि हरा धनिया पाचन सुधारता है, हरी मिर्च स्वाद बढ़ाती है, तुलसी इम्यूनिटी बढ़ाती है और टमाटर पेट के हानिकारक कीटाणुओं को खत्म करता है। ऐसी इम्यूनिटी बूस्टर चटनी अगर रोज या सप्ताह में 3-4 बार खाई जाए, तो किडनी और पाचन दोनों बेहतर रहते हैं।


जौ का आटा 

जौ किडनी के लिए बेहद लाभकारी माना जाता है। सप्ताह में 1-2 बार जौ का आटा खाने से किडनी कमजोर नहीं होती। जौ शरीर की गर्मी कम करता है, सूजन घटाता है और शरीर को संतुलित रखता है। जिन लोगों को यूरिक एसिड, पानी रुकना, सूजन या बार-बार किडनी इंफेक्शन की दिक्कत रहती है, उनके लिए जौ बेहद फायदेमंद है।


तिल के बीज

तिल में कोलेजन, प्रोटीन और हेल्दी फैट भरपूर मात्रा में होते हैं, जो त्वचा, बाल, हड्डियों और मांसपेशियों को मजबूत बनाते हैं। आयुर्वेद में कहा गया है कि जो लोग नियमित रूप से तिल खाते हैं, उनकी त्वचा में चमक रहती है और शरीर मजबूत बना रहता है। तिल की चटनी या तिल के लड्डू शरीर को तुरंत फायदा देते हैं, खासकर जब तिल को बारीक पीसकर खाया जाए।


गोंद के लड्डू

सर्दियों में खासतौर पर गोंद के लड्डू खाने की सलाह दी जाती है। गोंद हड्डियों को मजबूत करता है, जोड़ों के दर्द को कम करता है और शरीर में गर्मी बनाए रखता है। बचपन में खाए गए गोंद और तिल के लड्डू लंबे समय तक शरीर में ताकत बनाए रखते हैं।


गोंद के लड्डू खाने के फायदे

गोंद के लड्डू खाने से हड्डियाँ मजबूत होती हैं, कैल्शियम और फॉस्फोरस की कमी दूर होती है, विटामिन डी और बी12 की कमी कम होती है और मांसपेशियाँ मजबूत रहती हैं। ध्यान रखें कि ये लड्डू थोड़े भारी होते हैं, इसलिए इन्हें खाते समय पाचन का ध्यान रखना जरूरी है।

डिस्क्लेमर: यह लेख केवल सामान्य जानकारी के लिए है। यह किसी भी तरह से किसी दवा या इलाज का विकल्प नहीं हो सकता। ज्यादा जानकारी के लिए हमेशा अपने डॉक्टर से संपर्क करें। nh इसकी सत्यता, सटीकता और असर की जिम्मेदारी नहीं लेता है।

© Copyright @2026 LIDEA. All Rights Reserved.