आजकल, बढ़ता वजन और पेट की चर्बी कई स्वास्थ्य समस्याओं का कारण बनता है, जैसे कि उच्च रक्तचाप, मधुमेह और हृदय रोग। लोग फिट रहने के लिए जिम में घंटों मेहनत करते हैं, लेकिन सभी को इसका लाभ नहीं मिलता। ऐसे में कुछ प्राकृतिक उपाय हैं, जो वजन कम करने में सहायक हो सकते हैं।
इन उपायों में से एक है मोरिंगा, जिसे आयुर्वेद में सहजन के नाम से जाना जाता है। यह हर उम्र के लोगों के लिए पेट की चर्बी कम करने का एक सुरक्षित विकल्प है।
आयुर्वेद के अनुसार, मोरिंगा वात और कफ दोष को संतुलित करता है और पाचन को बेहतर बनाता है। वैज्ञानिक अनुसंधान भी यह दर्शाते हैं कि मोरिंगा में एंटीऑक्सिडेंट्स, विटामिन्स और मिनरल्स की भरपूर मात्रा होती है, जो शरीर से विषाक्त पदार्थों को निकालने, मेटाबॉलिज्म को बढ़ाने और अतिरिक्त चर्बी को कम करने में मदद करते हैं।
मोरिंगा के पत्ते मेटाबॉलिज्म को तेज करते हैं, जिससे भोजन जल्दी पचता है और शरीर उसे ऊर्जा में परिवर्तित करता है। इसके नियमित सेवन से शरीर की कैलोरी घटाने की क्षमता में वृद्धि होती है और पेट की चर्बी धीरे-धीरे कम होने लगती है।
मोरिंगा में प्राकृतिक रूप से फाइबर पाया जाता है, जो पेट को लंबे समय तक भरा रखता है, जिससे भूख कम लगती है। यह खाने की आदतों में बदलाव लाता है। आयुर्वेद में फाइबर को पाचन और आंतों के स्वास्थ्य के लिए आवश्यक माना गया है, क्योंकि यह भोजन को आसानी से पचाने में मदद करता है।
कभी-कभी शरीर में अतिरिक्त पानी और विषाक्त पदार्थ जमा हो जाते हैं, जिससे भारीपन और सूजन महसूस होती है। मोरिंगा प्राकृतिक रूप से शरीर से पानी और हानिकारक पदार्थों को बाहर निकालने में मदद करता है। यह न केवल सूजन को कम करता है, बल्कि शरीर को हल्का और ताजगी भरा बनाता है।
बढ़ता वजन अक्सर शुगर लेवल की समस्याओं से जुड़ा होता है। मोरिंगा के पत्ते रक्त में शुगर के स्तर को स्थिर रखने में सहायक होते हैं, जो उन लोगों के लिए फायदेमंद है, जो वजन घटाते समय मीठे की क्रेविंग से परेशान रहते हैं।
वजन घटाने के दौरान कमजोरी महसूस होना आम है, क्योंकि कैलोरी कम होती है। मोरिंगा में दूध से अधिक कैल्शियम और संतरे से अधिक विटामिन सी होता है, जो शरीर में ऊर्जा और स्टैमिना बनाए रखता है। इसका सेवन करने से आप दिनभर ताजगी महसूस करते हैं।
मोरिंगा ड्रिंक बनाने के लिए एक गिलास पानी में एक चम्मच मोरिंगा पाउडर या मुट्ठी भर ताजे पत्ते डालकर उबालें। इसमें नींबू का रस मिलाएं और आवश्यकता अनुसार शहद डालकर हल्का गुनगुना करके पिएं। इसे सुबह खाली पेट पीना सबसे फायदेमंद माना जाता है।