मनरेगा की जगह वीबी-जी राम जी एक्ट... जाने क्या बदला और क्या नहीं, आपके सभी सवालों के जवाब
aapkarajasthan January 08, 2026 09:42 AM

केंद्र सरकार ने MGNREGA एक्ट की जगह विकास भारत गारंटी फॉर एम्प्लॉयमेंट एंड लाइवलीहुड मिशन (VB-G RAM G) एक्ट 2025 पास किया है। महात्मा गांधी नेशनल रूरल एम्प्लॉयमेंट गारंटी एक्ट 2009 में UPA सरकार के समय लाया गया था। MGNREGA में कई बदलाव भी किए गए थे। लेकिन, NDA सरकार ने अब MGNREGA की जगह नया VB-G RAM G एक्ट ला दिया है। इस नए कानून के पास होने के बाद कांग्रेस पार्टी समेत कई विपक्षी पार्टियां और सामाजिक संगठन विरोध कर रहे हैं। उनका आरोप है कि इससे MGNREGA के तहत काम करने का अधिकार खत्म हो जाता है।

रूरल डेवलपमेंट डिपार्टमेंट ने नए कानून पर डिटेल में बात करने के लिए एक प्रेस कॉन्फ्रेंस की। प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान कानून से जुड़े सभी सवालों के जवाब दिए गए। NDTV ने आम लोगों के मन में उठ रहे कुछ सवालों के जवाब देने के लिए रूरल डेवलपमेंट डिपार्टमेंट की सेक्रेटरी पुष्पा सत्यानी से बात की।

आम लोगों के मन में सवाल और उनके जवाब
सवाल: क्या MGNREGA के तहत काम करने का अधिकार अब नहीं रहेगा? जवाब: VB-G RAM G के तहत काम के अधिकार की गारंटी वैसी ही रहेगी। अब 100 की जगह 125 दिन काम की गारंटी है।

सवाल: क्या MGNREGA के तहत मिनिमम वेज कम होगा?

सवाल: नहीं, मिनिमम वेज में कोई बदलाव नहीं होगा। अभी मिनिमम वेज ₹281 है और वही रहेगा। साथ ही, इसे हर साल उसी तरह बढ़ाया जाएगा जैसे मिनिमम वेज बढ़ता है।

सवाल: क्या नए नियमों के तहत मुझे अपने घर के पास काम मिलेगा या मुझे नौकरी से निकाल दिया जाएगा?

सवाल: काम की जगह को लेकर नए कानून में कोई बदलाव नहीं किया गया है। पहले घर के पास काम मिलता था, और वही नियम लागू होंगे।

सवाल: अगर रिक्वेस्ट करने के बाद काम नहीं मिलता है तो क्या होगा?

सवाल: अगर किसी व्यक्ति को काम रिक्वेस्ट करने के 15 दिनों के अंदर काम नहीं मिलता है, तो उसे पहले की तरह ही अनएम्प्लॉयमेंट अलाउंस मिलेगा।

सवाल: क्या नए कानून ने ग्राम सभा की शक्तियों को सीमित या कम कर दिया है?

जवाब: नहीं, ग्राम सभा काम की प्लानिंग करेगी। यह काम अब ज़्यादा प्लानिंग के साथ किया जाएगा। इससे गांव का प्लान्ड डेवलपमेंट होगा, साथ ही मज़दूरों को भी फ़ायदा होगा।

सवाल: मुझे मेरी मज़दूरी कितने दिनों में मिलेगी?

जवाब: MGNREGA के तहत मज़दूरों को 15 दिनों में पेमेंट किया जाता था। अब यह पेमेंट सात दिनों में करने का प्रोविज़न है।

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