मुंबई को महाराष्ट्र से अलग करने की हो रही कोशिश, BJP निकायों चुनाव में जीती तो 'मराठी मानुष' हो जाएंगे शक्तिहीन: राज ठाकरे
Navjivan Hindi January 09, 2026 07:42 AM

महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना (एमएनएस) प्रमुख राज ठाकरे ने भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) पर निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि मुंबई को महाराष्ट्र से अलग करने की चाह रखने वाले लोग केंद्र और राज्य की सत्ता में हैं।

उन्होंने चेतावनी दी कि अगर ये लोग महानगर पालिकाओं की सत्ता पर भी काबिज हो गये तो ‘मराठी मानुष’ शक्तिहीन हो जाएंगे।

शिवसेना-उद्धव बालासाहेब ठाकरे (यूबीटी) के अध्यक्ष उद्धव ठाकरे के साथ एक संयुक्त साक्षात्कार के पहले भाग में एमएनएस प्रमुख ने कहा कि वह और उनके चचेरे भाई अपने अस्तित्व के लिए नहीं बल्कि राज्य में ‘मराठी मानुष’ के अस्तित्व के लिए एक साथ आए हैं।

ठाकरे भाइयों का साक्षात्कार शिवसेना (यूबीटी) के राज्यसभा सदस्य और सामना के कार्यकारी संपादक संजय राउत और जाने-माने निर्देशक महेश मांजरेकर ने लिया। दोनों भाइयों ने 15 जनवरी को होने वाले बृहन्मुंबई महानगर पालिका (बीएमसी) चुनावों के लिए पिछले महीने गठबंधन की घोषणा की थी।

राज ठाकरे ने सामना को दिए साक्षात्कार में कहा कि राज्य के बाहर से लोग न केवल आजीविका के लिए आ रहे हैं बल्कि वे अपने निर्वाचन क्षेत्र बना रहे हैं।

उन्होंने दावा किया, “यह एक पुराना घाव है। मुंबई को महाराष्ट्र से अलग करने के सपने को साकार करने के प्रयास जारी हैं।”

राज ठाकरे ने कहा कि आज का माहौल कुछ वैसा ही है जैसा संयुक्त महाराष्ट्र आंदोलन के दौरान था, जब गुजरात चाहता था कि मुंबई उसका हिस्सा हो जाए।

उन्होंने बीजेपी पर निशाना साधते हुए कहा, “मुंबई को महाराष्ट्र से अलग करने की चाह रखने वाले केंद्र और राज्य दोनों में सत्ता में हैं।”

एमएनएस प्रमुख ने दावा किया, “अगर वे (बीजेपी) महानगर पालिकाओं पर नियंत्रण कर लेते हैं तो मराठी मानुष कुछ करने की स्थिति में नहीं रहेंगे।”

एमएनएस प्रमुख ने कहा कि अगर इस पर लगाम लगानी है, तो खासकर मुंबई, पुणे, ठाणे, नासिक, मीरा-भयंदर, कल्याण-डोम्बिवली और छत्रपति संभाजीनगर में नगर निकायों पर नियंत्रण जरूरी है।

उद्धव ठाकरे ने राज्य सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि बीजेपी विकास का ढोंग तो करती है, लेकिन इससे प्रगति की बजाय विनाश होता है। उन्होंने दावा किया कि यह ‘बिना योजना के विकास’ है।

पूर्व मुख्यमंत्री ने कहा, “सरकार को खुद नहीं पता कि वह क्या करना चाहती है।”

उन्होंने कहा कि दुर्भाग्य से सत्ता में बैठे लोग मराठी या महाराष्ट्र से हैं लेकिन मुंबई की जनता से उनका कोई लेना-देना नहीं है।

शिवसेना (यूबीटी) प्रमुख ने आरोप लगाया, “वे सिर्फ ठेकेदारों के लिए काम करते हैं।”

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