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कहते हैं कि किसी रिश्ते की असली खूबसूरती मुश्किल समय में ही पता चलती है। आपको कभी नहीं पता होता कि मुश्किल समय में कौन कब आपकी मदद कर दे। ऐसी ही एक दिल को छू लेने वाली कहानी सामने आई है। लंदन में रहने वाले 30 साल के केनी इथन जोन्स ने कुछ ऐसा ही किया है। उनके इस काम ने न सिर्फ सोशल मीडिया पर लाखों लोगों का दिल जीता है, बल्कि भाई-बहन के अटूट प्यार (ब्रदर सिस्टर बॉन्ड) की एक नई परिभाषा भी लिखी है। अब उन्होंने असल में क्या किया है? आइए जानते हैं…
केनी की बहन किज़ी जोन्स कई सालों से मां बनने का सपना देख रही थी। लेकिन अपनी बढ़ती उम्र और सेहत की वजहों से उसे बार-बार मिसकैरेज का सामना करना पड़ा। डॉक्टरों ने कहा कि सब ठीक है, लेकिन उसके एग्स की क्वालिटी खराब होने की वजह से वह प्रेग्नेंट नहीं हो पा रही थी।
भाई ने अपनी बहन के लिए लिया बड़ा फैसला
mom.com की एक रिपोर्ट के मुताबिक, केनी एक ट्रांसजेंडर आदमी है और पिछले 10 सालों से हार्मोन थेरेपी करवा रहा था। यह थेरेपी उसके लिए एक आदमी के तौर पर अपनी पहचान मजबूत करने के लिए बहुत ज़रूरी थी। लेकिन जब उन्हें पता चला कि उनकी बहन को डोनर की ज़रूरत है, तो उन्होंने बिना सोचे-समझे अपनी थेरेपी रोकने का फ़ैसला किया। उन्होंने कहा, यह बिल्कुल भी आसान नहीं था। क्योंकि, थेरेपी रोकने से मुझे ‘जेंडर डिस्फ़ोरिया’ का खतरा था। लेकिन यह दर्द मेरी बहन की खुशी के सामने कुछ भी नहीं था। इसलिए मैंने अपनी ज़िंदगी का सबसे बड़ा फ़ैसला लिया।
इसके बाद, केनी ने एग डोनेशन प्रोसेस शुरू किया। यह प्रोसेस उनके लिए शारीरिक और मानसिक दोनों तरह से बहुत मुश्किल था। लेकिन उनकी हिम्मत से सब ठीक हो गया। डॉक्टरों ने केनी के शरीर से 19 एग निकाले, जिनसे 6 हेल्दी एम्ब्रियो बनाए गए। अब केनी की बहन माँ बन सकती है। केनी की कहानी अलग-अलग सोशल मीडिया प्लेटफ़ॉर्म पर वायरल हो गई है। नेटिज़न्स उन्हें ‘सुपर ब्रदर’ कह रहे हैं। लोगों का कहना है कि यह सिर्फ़ एक मेडिकल केस नहीं है, बल्कि समाज के लिए एक मैसेज भी है कि सबसे बड़ा ‘प्यार’ परिवार के लिए किया गया त्याग है।