राजस्थान में भीषण ठंड के बीच बदला मौसम, बारिश शुरू; IMD ने 3 जिलों के लिए येलो अलर्ट जारी किया
Lifeberrys Hindi January 09, 2026 07:42 PM

राजस्थान में सर्दी का सितम थमने का नाम नहीं ले रहा है। कड़ाके की ठंड और शीतलहर के बीच अब बारिश ने मुश्किलें और बढ़ा दी हैं। शुक्रवार सुबह प्रदेश के कई हिस्सों में अचानक मौसम ने करवट ली और आसमान से हल्की बूंदाबांदी शुरू हो गई। बीते 24 घंटों में झुंझुनू जिले में सबसे अधिक 5.0 मिलीमीटर वर्षा दर्ज की गई है। बेमौसम हुई इस बारिश ने पहले से जारी ठंड को और तीखा कर दिया है, जिससे आम जनजीवन बुरी तरह प्रभावित हो रहा है और लोगों की परेशानी बढ़ गई है।

तीन जिलों के लिए IMD का येलो अलर्ट

मौसम विज्ञान केंद्र जयपुर ने सुबह 5 बजे तात्कालिक चेतावनी (नाउकास्ट वार्निंग) जारी की। विभाग के अनुसार अगले तीन घंटों के दौरान अलवर, झुंझुनू और सीकर जिलों में कुछ स्थानों पर मेघगर्जन के साथ हल्की बारिश और बूंदाबांदी की संभावना जताई गई है। इसे देखते हुए मौसम विभाग ने चेतावनी कोड ‘येलो’ लागू किया है और लोगों को सतर्क रहने की अपील की है।

तापमान में बड़ा अंतर, जैसलमेर ठिठुरा

प्रदेश में तापमान का उतार-चढ़ाव भी साफ नजर आ रहा है। सीमावर्ती जिला जैसलमेर इस समय सबसे ज्यादा ठंड की चपेट में है, जहां न्यूनतम तापमान 4.6 डिग्री सेल्सियस तक लुढ़क गया। यह इस सर्दी की सबसे ठंडी रातों में से एक मानी जा रही है। दूसरी ओर, पाली जिले के जवाई बांध क्षेत्र में अधिकतम तापमान 24.4 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया। बारिश के साथ-साथ कई इलाकों में अति घना कोहरा छाया हुआ है, जिससे हाईवे और मुख्य सड़कों पर दृश्यता बेहद कम हो गई है और वाहन चालकों को खास सावधानी बरतनी पड़ रही है।

मौसम विभाग की एडवाइजरी, सावधानी जरूरी

मेघगर्जन और बारिश की आशंका को देखते हुए मौसम विभाग ने विशेष एडवाइजरी जारी की है। लोगों से कहा गया है कि बिजली चमकने और गरज के दौरान खुले स्थानों से दूर रहें और किसी मजबूत, पक्के भवन में शरण लें। पेड़ों के नीचे खड़े होने या खुले मैदानों में रुकने से बचने की सलाह दी गई है। इसके साथ ही मौसम सामान्य होने तक गैर-जरूरी यात्रा टालने को कहा गया है, ताकि किसी भी तरह के हादसे से बचा जा सके।

अगले सप्ताह कैसा रहेगा मौसम?

मौसम विशेषज्ञों का कहना है कि आने वाले एक सप्ताह के दौरान राजस्थान में मौसम मुख्य रूप से शुष्क बना रह सकता है। हालांकि अगले एक-दो दिनों तक सुबह के समय अति घना कोहरा छाए रहने की संभावना बनी हुई है। शीतलहर का असर फिलहाल कमजोर पड़ने के संकेत नहीं दे रहा है, जिससे रात और तड़के सुबह के समय ठंड और गलन बनी रहेगी। उत्तरी हवाओं के प्रभाव से प्रदेश के कई हिस्सों में कंपकंपी और बढ़ने के आसार हैं, जिससे लोगों को अभी कुछ दिन और कड़ाके की सर्दी झेलनी पड़ सकती है।

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