पश्चिम बंगाल में बीजेपी के नेता और नेता प्रतिपक्ष सुवेंदु अधिकारी ने आरोप लगाया है कि पुरुलिया से पश्चिम मेदिनीपुर लौटते समय उन पर तृणमूल कांग्रेस (TMC) के कार्यकर्ताओं ने हमला किया। उन्होंने कहा कि यह घटना पुलिस की मौजूदगी में हुई, जिससे राज्य में कानून-व्यवस्था पर गंभीर प्रश्न उठते हैं।
अधिकारी ने कहा कि हमलावरों ने उनकी गाड़ी को रोकने का प्रयास किया और नारेबाजी की। उन्होंने यह भी बताया कि पुलिस मौके पर थी, लेकिन उसने कोई हस्तक्षेप नहीं किया। उनके अनुसार, यह घटना दर्शाती है कि वर्तमान सरकार में हिंसा और दबाव की राजनीति को बढ़ावा दिया जा रहा है।
बीजेपी नेता ने कहा कि तृणमूल कांग्रेस अब जनता के गुस्से का सामना नहीं कर पा रही है और इसलिए गुंडागर्दी का सहारा ले रही है। उन्होंने इसे केवल अपने ऊपर नहीं, बल्कि पूरे विपक्ष की आवाज पर हमला बताया।
हमले के बाद, सुवेंदु अधिकारी चंद्रकोणा पुलिस थाने पहुंचे और वहीं धरने पर बैठ गए। उन्होंने मांग की कि हमलावरों के खिलाफ तुरंत कार्रवाई की जाए और दोषियों को गिरफ्तार किया जाए। अधिकारी ने कहा कि जब तक जवाबदेही तय नहीं होती, वह धरना समाप्त नहीं करेंगे।
यह पहली बार नहीं है जब सुवेंदु अधिकारी ने हमले का आरोप लगाया है। अगस्त में, उन्होंने कूचबिहार दौरे के दौरान भी टीएमसी कार्यकर्ताओं पर हमले का दावा किया था। उस समय उनके काफिले को काले झंडे दिखाए गए थे और विरोध के नारे लगाए गए थे।
अक्टूबर 2025 में, सुवेंदु अधिकारी ने दक्षिण 24 परगना में काली पूजा और दिवाली कार्यक्रम में जाते वक्त भी हमले का आरोप लगाया था। उन्होंने इस घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर साझा किया और इसके पीछे टीएमसी नेताओं का हाथ बताया।
इन घटनाओं के बाद पश्चिम बंगाल की राजनीति में तनाव और बढ़ गया है। बीजेपी ने टीएमसी पर कानून-व्यवस्था बिगाड़ने का आरोप लगाया है, जबकि तृणमूल कांग्रेस का कहना है कि ये घटनाएं जनता के आक्रोश का नतीजा हैं।
फिलहाल, सुवेंदु अधिकारी के धरने से राजनीतिक माहौल गरमाया हुआ है। विपक्ष ने निष्पक्ष जांच और सख्त कार्रवाई की मांग की है, ताकि राज्य में कानून का भरोसा बहाल हो सके।