Shattila Ekadashi 2026: षटतिला एकादशी पर ये गलतियां बन सकती हैं श्राप, जान लें क्या करें और क्या नहीं?
TV9 Bharatvarsh January 12, 2026 02:43 AM

Shattila Ekadashi 2026: सनातन धर्म में एकादशी तिथि का विशेष महत्व माना जाता है. ये तिथि जगत के पालनहार भगवान विष्णु को समर्पित की गई है. साल में 24 एकादशी की तिथियां पड़ती है. माघ माह के कृष्ण पक्ष में पड़ने वाली एकादशी को षटतिला एकादशी कहा जाता है. इस दिन व्रत के साथ-साथ भगवान श्री हरि विष्णु और मां लक्ष्मी की विशेष पूजा-अर्चना करने का विधान है. धार्मिक मान्यता के अनुसार, इस व्रत को करने से सभी पापों से मुक्ति मिलती है.

इस दिन किया गया व्रत और पूजन जीवन में सुख-शांति और समृद्धि लाता है. षटतिला एकादशी का दिन भगवान विष्णु के साथ-साथ माता लक्ष्मी की भी कृपा पाने का विशेष अवसर माना जाता है, लेकिन इस दिन कुछ गलतियों को करने से जीवन में कई तरह की समस्याओं का सामना करना पड़ सकता है. कहा जाता है कि षटतिला एकादशी के दिन की कुछ गलतियां श्राप बन जाती हैं. ऐसे में आइए जानते हैं कि इस दिन क्या करना और क्या नहीं करना चाहिए?

षटतिला एकादशी 2026 डेट और शुभ मुहूर्त (Shattila Ekadashi 2026 Date and Shubh Muhurat)

वैदिक पंचांग के अनुसार, माघ माह के कृष्ण पक्ष की एकादशी तिथि की शुरुआत 13 जनवरी को दोपहर 03 बजकर 17 मिनट से शुरू होगी. इस तिथि का समापन 14 जनवरी को शाम 05 बजकर 52 मिनट पर होगा. ऐसे में 14 जनवरी को षटतिला एकादशी का व्रत रखा जाएगा. यानी मकर संक्रांति के साथ षटतिला एकादशी रहेगी.

षटतिला एकादशी पर न करें ये गलतियां चावल का सेवन न करें

एकादशी के दिन चावल खाना शास्त्रों में वर्जित माना गया है. माना जाता है कि इस दिन जो व्यक्ति चावल खाता है, उसको अगले जन्म में रेंगने वाले जीव की योनि में जन्म लेना पड़ता है. षटतिला एकादशी पर विशेष रूप से अनाज और चावल से दूरी बनाकर रखनी चाहिए.

तुलसी के पत्ते न तोड़ें

भगवान विष्णु को तुलसी बेहद प्रिय है, लेकिन एकादशी के दिन तुलसी के पत्ते तोड़ने को महापाप माना गया है. अगर पूजा के लिए तुलसी के पत्तों की जरूरत है, तो एकादशी से एक दिन पहले तोड़कर रख लें.

तामसिक चीजों का सेवन न करें

षटतिला एकादशी के दिन तामसिक चीजों का सेवन गलती से भी नहीं करना चाहिए. मान्यता है कि ऐसा करने से घर की सुख-शांति नष्ट हो सकती है. इस दिन मन और शरीर दोनों को पावन रखना चाहिए.

बड़ों का अपमान न करें

अक्सर लोग एकादशी व्रत में दूसरों की निंदा करते हैं. कहा जाता है कि अगर इस दिन मन में तामसिक विचार आते हैं, तो व्रत का शुभ फल खत्म हो जाता है. खासकर इस दिन झूठ नहीं बोलना चाहिए. इस दिन बड़ों का अपमान भी भूलकर नहीं करना चाहिए.

षटतिला एकादशी के दिन क्या करें?

षटतिला एकादशी के दिन सुबह सूर्य देव को अर्घ्य दें. इस दिन भगवान विष्णु और मां लक्ष्मी की पूजा-अर्चना करें. पूजा करने के बाद मंदिर या गरीब लोगों में दान जरूर करें. प्रभु को प्रिय चीजों का भोग लगाएं. व्रत का पारण द्वादशी तिथि में करें. दिन में भजन-कीर्तन करें. घर और मंदिर की सफाई का खास ध्यान रखें.

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Disclaimer: इस खबर में दी गई जानकारी धार्मिक मान्यताओं और सामान्य जानकारियों पर आधारित है. टीवी9 भारतवर्ष इसकी पुष्टि नहीं करता है.

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