इंटरनेट डेस्क। 8वें वेतन आयोग की घोषणा हुई हैं तब से ही सरकारी कर्मचारियों में खुशी की लहर है। वैसे मोदी सरकार ने आठवें वेतन आयोग को लागू करने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। इस कदम से लाखों केंद्र सरकार के कर्मचारियों और पेंशनभोगियों पर असर पड़ेगा।
खबरों के अनुसार, सातवें वेतन आयोग के कार्यकाल के दौरान महंगाई भत्ता (डीए) में अब तक की सबसे धीमी वृद्धि दर्ज की गई है। वहीं यह ध्यान रखना महत्वपूर्ण है कि यह स्थिति 5वें और 6वें वेतन आयोगों से अलग है। विशेषज्ञों का मानना है कि महंगाई भत्ता (डीए) में वृद्धि की यह धीमी गति भविष्य में 8वें वेतन आयोग के तहत वेतन वृद्धि को अधिक प्रभावी बना सकती है।
गौरतलब है कि एक बार नया वेतन आयोग लागू हो जाने पर, पेंशनभोगियों को दिया जाने वाला महंगाई भत्ता (डीए) और महंगाई राहत (डीआर) शून्य (0 प्रतिशत) पर रीसेट हो जाते हैं। पांचवें वेतन आयोग (1996-2006) के दौरान, डीए लगभग 74 प्रतिशत तक बढ़ा था। छठे वेतन आयोग (2006-2016) के दौरान महंगाई भत्ता (डीए) मूल वेतन के 125 प्रतिशत तक बढ़ गया था। सातवें वेतन आयोग के तहत वर्तमान में डीए 58 प्रतिशत है, और मार्च में होने वाले अगले संशोधन के बाद इसके लगभग 60 प्रतिशत तक पहुंचने की उम्मीद है।
माना जा रहा है कि रिपोर्ट 2027 के मध्य से पहले पेश नहीं की जाएगी। तब तक, महंगाई भत्ता (डीए) में कम से कम तीन बार और वृद्धि होने की उम्मीद है। एक बार मार्च और अक्टूबर 2026 में, और फिर मार्च 2027 में। प्रत्येक बार औसतन 2-4 प्रतिशत की वृद्धि मानते हुए, 8वें वेतन आयोग के लागू होने से पहले डीए लगभग 70 प्रतिशत तक पहुंच सकता है।
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