खत्म हुआ 'Shorts' का आतंक! YouTube ने दिया माता-पिता को सबसे बड़ा हथियार..
Himachali Khabar Hindi January 15, 2026 04:43 PM


YouTube ने 14 जनवरी को एक बड़ा ऐलान किया है, जिससे बच्चों की ऑनलाइन सेफ्टी को लेकर पैरेंट्स को ज्यादा कंट्रोल मिलेगा. अब माता-पिता अपने बच्चों के लिए YouTube Shorts देखने का समय तय कर सकेंगे या चाहें तो Shorts को पूरी तरह ब्लॉक भी कर पाएंगे. यह फीचर खास तौर पर उन शॉर्ट वीडियो के लिए है, जिन पर बच्चे अक्सर घंटों समय बिता देते हैं.

Shorts देखने की टाइम लिमिट कैसे होगी
इस नए फीचर के तहत पैरेंट्स 15 मिनट से लेकर 2 घंटे तक बच्चों के लिए Shorts देखने की लिमिट सेट कर सकते हैं. YouTube ने यह भी बताया है कि जल्द ही टाइमर को जीरो पर सेट करने का ऑप्शन भी आएगा, यानी Shorts पूरी तरह बंद किए जा सकेंगे. यह अपडेट उस टाइम लिमिट फीचर को आगे बढ़ाता है, जिसे YouTube ने अक्टूबर 2025 में लॉन्च किया था.

बच्चे सेटिंग बदल नहीं पाएंगे
YouTube ने साफ किया है कि बच्चे इन पैरेंटल कंट्रोल सेटिंग्स को न तो बदल सकेंगे और न ही बंद कर पाएंगे. यानी एक बार माता-पिता ने Shorts देखने की सीमा तय कर दी, तो वह पूरी तरह लागू रहेगी. इससे पैरेंट्स को भरोसा मिलेगा कि बच्चे तय समय से ज्यादा शॉर्ट वीडियो नहीं देख पाएंगे.

YouTube का क्या कहना है
YouTube की वाइस प्रेसिडेंट ऑफ प्रोडक्ट मैनेजमेंट Jennifer Flannery O’Connor ने कहा कि यह इंडस्ट्री का पहला ऐसा फीचर है, जो शॉर्ट-फॉर्म कंटेंट को लेकर पैरेंट्स को पूरी तरह कंट्रोल देता है. उनके मुताबिक, इससे माता-पिता को फ्लेक्सिबिलिटी भी मिलती है और बच्चों की स्क्रीन टाइम आदतों पर सही तरीके से नजर रखी जा सकती है.

Bedtime और Take a Break रिमाइंडर भी मिलेंगे
YouTube अब पैरेंट्स को यह सुविधा भी देगा कि वे बच्चों के लिए Bedtime और Take a Break रिमाइंडर सेट कर सकें. यह फीचर पहले से ही एडल्ट यूज़र्स के लिए मौजूद है. इसका मतलब है कि अब पैरेंट्स तय कर पाएंगे कि बच्चे कब YouTube बंद करें और कब ब्रेक लें.

बढ़ती निगरानी के बीच आया अपडेट
यह अपडेट ऐसे समय में आया है जब दुनियाभर में सोशल मीडिया और वीडियो प्लेटफॉर्म्स पर बच्चों और टीनएजर्स की ऑनलाइन सेफ्टी को लेकर कानून बनाने वालों और रेगुलेटर्स की सख्त नजर है. ये खबर आप हिमाचली खबर में पढ़ रहे हैं। कई देशों में यह सवाल उठ रहा है कि क्या डिजिटल प्लेटफॉर्म्स बच्चों के लिए सुरक्षित हैं या नहीं.

नया किड अकाउंट बनाना होगा आसान
आने वाले हफ्तों में YouTube मोबाइल ऐप में एक बेहतर साइन-अप एक्सपीरियंस भी लाने वाला है. इससे माता-पिता आसानी से नया किड अकाउंट बना सकेंगे और कुछ टैप में अलग-अलग अकाउंट्स के बीच स्विच कर पाएंगे. इससे यह सुनिश्चित होगा कि परिवार का हर सदस्य अपने उम्र के हिसाब से सही कंटेंट देखे.

AI से उम्र पहचानने की टेक्नोलॉजी
पिछले साल YouTube ने AI-पावर्ड एज एस्टीमेशन टेक्नोलॉजी भी लॉन्च की थी, जिससे 18 साल से कम उम्र के यूज़र्स की पहचान की जा सके. यह फीचर फिलहाल अमेरिका, ब्रिटेन, स्विट्ज़रलैंड और यूरोपियन इकोनॉमिक एरिया के कुछ देशों में लागू किया गया है. कंपनी का कहना है कि आने वाले समय में इसे दूसरे देशों में भी शुरू किया जाएगा.

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