ईरान की सरकारी टीवी चैनल पर हाल ही में एक फुटेज प्रसारित किया गया है, जिसमें डोनाल्ड ट्रंप पर गोली चलाने का दृश्य दिखाया गया है। यह फुटेज 2024 का है, जब ट्रंप पेंसिल्वेनिया में चुनाव प्रचार कर रहे थे।
इसमें ट्रंप के कान के पास एक गोली लगी, लेकिन वे बच गए थे। इस वीडियो के साथ एक कैप्शन भी दिया गया है, जिसमें कहा गया कि अगर हमला फिर से हुआ, तो इस बार गोली निशाने पर लगेगी और ट्रंप बच नहीं पाएंगे। इस वीडियो ने सोशल मीडिया पर खलबली मचा दी है।
रिपब्लिकन सीनेटर टेड क्रूज ने जुलाई 2025 में अमेरिकी पत्रकार टकर काल्सन से बातचीत करते हुए दावा किया कि ईरान ने ट्रंप को मारने की कई कोशिशें की हैं। उनका कहना था कि ईरान का लक्ष्य है कि वह ट्रंप को मारकर दुनिया को यह दिखा सके कि उसके प्रभाव से कोई भी बच नहीं सकता।
टेड क्रूज के बयान से कुछ महीने पहले, फरवरी 2025 में, डोनाल्ड ट्रंप ने भी ईरान के खिलाफ बयान दिया था। उन्होंने कहा था कि अगर ईरान ने उनकी हत्या करने की कोशिश की, तो वे ईरान राज्य के पूर्ण विनाश का आदेश देंगे।
इस बीच, ईरान में बढ़ती महंगाई और सरकार के खिलाफ विरोध प्रदर्शनों ने हालात को और अधिक तनावपूर्ण बना दिया है। खामेनेई सरकार के खिलाफ लोग सड़कों पर उतरे हैं, और सरकार ने प्रदर्शनकारियों को काबू करने के लिए कड़े कदम उठाने की चेतावनी दी है। ट्रंप ने इस पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि अगर ईरान सख्त कार्रवाई करता है, तो अमेरिका भी इसके खिलाफ कदम उठाएगा।
रॉयटर्स के अनुसार, ईरान के खिलाफ अमेरिकी और इजरायली अधिकारियों के बीच कई हाई-लेवल मीटिंग्स हो चुकी हैं। जून 2025 में, परमाणु हथियारों के मुद्दे पर दोनों देशों ने मिलकर ईरान पर हमला किया था।