सर्दियों का मौसम तपती गर्मी और उमस से तो राहत देता है लेकिन कई बार सेहत से जुड़ी कई समस्याओं का खतरा भी बढ़ा देता है। बहुत से डायबिटीज और प्री-डायबिटीज मरीज ठंड बढ़ने पर यह महसूस करते हैं कि उनकी ब्लड शुगर कंट्रोल में रखना ज्यादा मुश्किल हो जाता है।
यह कोई इत्तेफाक नहीं है, बल्कि इसके पीछे 6 बड़ी वजहें छिपी हुई होती हैं। जिसके बारे में सीके बिरला अस्पताल की आंतरिक चिकित्सक डॉ. मनीषा अरोरा ने इस लेख में जानकारी दी है।
सर्दियों में इन 6 कारणों की वजह से ब्लड शुगर कंट्रोल रखना होता है मुश्किल
वर्कआउट की कमी- ठंड के मौसम में लोग बाहर निकलना और एक्सरसाइज करना कम कर देते हैं। उनका ज्यादातर समय बैठकर या घर के अंदर ही बीतता है। कम चलने-फिरने से शरीर की इंसुलिन को इस्तेमाल करने की क्षमता घट जाती है। जिसका सीधा असर ब्लड शुगर बढ़ने के रूप में दिखता है।
खाने-पीने की आदतों में बदलाव- सर्दियों में लोग ज्यादातर गरमागरम, तला-भुना और कार्बोहाइड्रेट रिच फूड खाना पसंद करते हैं। इस समय चाय, कॉफी, हॉट चॉकलेट जैसी मीठी ड्रिंक्स का सेवन बढ़ जाता है। त्योहारों के कारण ओवरईटिंग और गलत टाइम पर खाना आम हो जाता है। इस तरह के खाने के बाद शुगर अचानक बढ़ जाती है।
हार्मोनल बदलाव- ठंड में शरीर ज्यादा स्ट्रेस हार्मोन (जैसे कोर्टिसोल) रिलीज करता है। ये हार्मोन इंसुलिन को ठीक से काम नहीं करने देते हैं। इसके अलावा धूप कम मिलने से शरीर में विटामिन D की कमी भी हो सकती है। बता दें,विटामिन डी की कमी ब्लड शुगर (रक्त शर्करा) को नियंत्रित करना मुश्किल बना देती है।
सर्दियों की बीमारियां- सर्दी, खांसी, फ्लू और इंफेक्शन की समस्या इस मौसम में लोगों को ज्यादा परेशान करती हैं। आपको शायद ही पता हो कि बीमारी के दौरान शरीर ऐसे हार्मोन बनाता है जो शुगर लेवल बढ़ा देते हैं। हल्की सी बीमारी भी ब्लड शुगर को ऊपर-नीचे कर सकती है।
पानी कम पीना- ठंड में प्यास कम लगती है, इसलिए लोग पानी कम पीते हैं। जिससे शरीर में डिहाइड्रेशन की समस्या होने लगती है। डिहाइड्रेशन से ब्लड शुगर लेवल और बढ़ सकता है।
नींद की समस्या- ठंड में नींद का पैटर्न बिगड़ जाता है। खराब या कम नींद से इंसुलिन रेजिस्टेंस बढ़ता है। जिसका असर शुगर कंट्रोल पर भी पड़ता है।
क्या करें ताकि सर्दियों में शुगर कंट्रोल में रहे?
-घर के अंदर भी रोज़ हल्की एक्सरसाइज़ करें
-संतुलित और सही समय पर खाना खाएं
-पानी पीते रहें, प्यास का इंतजार न करें
-ब्लड शुगर की नियमित जांच करें
-पूरी और अच्छी नींद लें