भोपाल, 21 जनवरी। महाकुंभ के दौरान मॉडलिंग और ग्लैमर की दुनिया को छोड़कर धार्मिक जीवन अपनाने वाली हर्षा रिछारिया अब फिर से ग्लैमर की ओर लौटने का निर्णय ले चुकी हैं। उन्होंने कहा कि कुछ लोग, जो गद्दी पर हैं, उनकी प्रगति में बाधा डाल रहे हैं। हर्षा ने एक समाचार एजेंसी से बातचीत में कहा कि वह किसी का नाम नहीं लेना चाहतीं, लेकिन उन्हें अब भी परेशान किया जा रहा है।
ग्लैमर की दुनिया में वापसी के अपने फैसले पर हर्षा ने कहा, "मैंने इस मार्ग पर चलने के लिए अपने सभी काम छोड़ दिए थे। लेकिन अब मुझे एहसास हुआ कि मैं साधु या संन्यासी नहीं हूं, जो दूसरों के दान पर निर्भर रहूं। धर्म का प्रचार तब ही सही है जब आपके पास खुद के संसाधन हों। इसलिए मैंने अपने काम को इस तरह से प्रबंधित करने का निर्णय लिया कि मैं अपनी जिम्मेदारियों को निभाते हुए जीवन जी सकूं।"
उन्होंने आगे कहा कि जीवन की बुनियादी जरूरतों के लिए पैसे की आवश्यकता होती है। "कौन कितने दिन उधार देगा? मेरे फैसलों और चरित्र पर उंगली उठाई जा रही है, और मुझे कोई समर्थन नहीं मिल रहा है।"
हर्षा ने कहा, "मैं किसी का नाम नहीं लूंगी, क्योंकि कुछ लोग लगातार इस तरह की हरकतें कर रहे हैं। अगर मुझे किसी से समस्या है, तो मैं उसका समर्थन नहीं करूंगी। लेकिन किसी के जीवन में बार-बार बाधाएं खड़ी करना और उन्हें आगे बढ़ने से रोकना गलत है।"
सनातन धर्म को त्यागने के सवाल पर उन्होंने कहा, "यह कहना गलत होगा कि मैंने कुंभ के दौरान सनातन धर्म को 'अपना लिया।' मैं खुद को इस धर्म में जन्म लेने के लिए भाग्यशाली मानती हूं। मैंने धार्मिक कार्यक्रमों और सोशल मीडिया के माध्यम से युवाओं को धर्म से जोड़ने का काम शुरू किया था, लेकिन मेरे प्रयासों को रोका जा रहा है।"
महाकुंभ के बाद, हर्षा ने युवाओं को धर्म का ज्ञान देने और खासकर युवा महिलाओं के लिए कार्य करने का सोचा था, लेकिन उन्होंने कहा कि कुछ लोग नहीं चाहते कि वह आगे बढ़ें।