केंद्रीय मंत्री का बयान
केंद्रीय रेल और आईटी मंत्री अश्विनी वैष्णव ने कहा है कि भारत अगले पांच वर्षों में मध्यम मुद्रास्फीति और मजबूत बुनियादी ढांचे के आधार पर तेज विकास की ओर अग्रसर रहेगा। उन्होंने बताया कि भारत की विकास दर वास्तविक रूप में 6-8 प्रतिशत और सांकेतिक रूप में 10-13 प्रतिशत रहने की संभावना है। इस वृद्धि को बनाए रखने के लिए सरकार द्वारा किए जा रहे संरचनात्मक सुधारों और महंगाई पर नियंत्रण को महत्वपूर्ण बताया।
स्विट्जरलैंड के दावोस में आयोजित वर्ल्ड इकोनॉमिक फोरम (डब्ल्यूईएफ) की वार्षिक बैठक में भारत ने वैश्विक निवेशकों को अपनी आर्थिक मजबूती का आश्वासन दिया। सीआईआई और ईवाई द्वारा आयोजित 'बेट ऑन इंडिया- बैंक ऑन द फ्यूचर' सत्र में बोलते हुए, वैष्णव ने भारतीय अर्थव्यवस्था की सकारात्मकताओं पर प्रकाश डाला। उन्होंने 'ईज ऑफ डूइंग बिजनेस' को बढ़ावा देने के लिए परियोजनाओं की मंजूरी में सरलता पर जोर दिया।
वैष्णव ने दावोस में भारत की व्यापार रणनीति पर भी चर्चा की। उन्होंने कहा कि भारत अब अपने व्यापारिक संबंधों में विविधता ला रहा है, जिसमें मध्य पूर्व, एशिया प्रशांत और यूनाइटेड किंगडम जैसे क्षेत्रों के साथ समझौते शामिल हैं। घरेलू सुधारों की चर्चा करते हुए उन्होंने श्रम सुधारों और जीएसटी के कार्यान्वयन का उल्लेख किया, जिसने उपभोक्ता खाद्य उत्पादों पर कर की दरों को कम किया है।
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