भारत और न्यूज़ीलैंड के बीच शुरू हो रही टी20 सीरीज में सबकी नज़रें सूर्यकुमार यादव पर टिकी हैं। वनडे सीरीज में मिली हार के बाद भारतीय टीम टी20 फॉर्मेट में अपनी बादशाहत फिर से हासिल करने के इरादे से मैदान पर उतरेगी। सूर्या, जो टी20 अंतरराष्ट्रीय में दुनिया के सबसे खतरनाक बल्लेबाज़ों में गिने जाते हैं, इस सीरीज में भारतीय बल्लेबाजी क्रम की मुख्य धुरी होंगे। रिपोर्ट के अनुसार, श्रेयस अय्यर और ईशान किशन जैसे खिलाड़ियों की मौजूदगी में सूर्या को मध्यक्रम में एक बड़ी भूमिका निभानी है।
सूर्या के लिए यह सीरीज इसलिए भी महत्वपूर्ण है क्योंकि वे अपनी '360-डिग्री' बल्लेबाजी शैली के लिए मशहूर हैं, जो कीवी गेंदबाजों के लिए हमेशा से एक सिरदर्द रही है। न्यूज़ीलैंड के कप्तान मिचेल सेंटनर ने भी स्वीकार किया है कि सूर्या जैसे खिलाड़ी को रोकना किसी भी गेंदबाजी आक्रमण के लिए सबसे कठिन काम है। भारतीय टीम प्रबंधन चाहता है कि सूर्या निडर होकर खेलें और पावरप्ले के बाद रनों की गति को बनाए रखें।
इस सीरीज में बल्लेबाज़ों को भारतीय पिचों पर स्पिन का सामना करना पड़ेगा, जहाँ सूर्या के पास स्वीप और लैप शॉट्स जैसे बेहतरीन विकल्प मौजूद हैं। फर्स्टपोस्ट की रिपोर्ट बताती है कि ईशान किशन और सूर्या की जोड़ी न्यूज़ीलैंड के तेज गेंदबाजों पर दबाव बनाने की रणनीति बना रही है। टीम इंडिया के पास इस समय युवाओं का जोश और सूर्या जैसा अनुभव है, जो किसी भी स्थिति से मैच का रुख पलटने की क्षमता रखते हैं।
इसके अलावा, श्रेयस अय्यर की वापसी से सूर्या को दूसरे छोर से स्थिरता मिलने की उम्मीद है। वनडे की निराशा को पीछे छोड़ते हुए सूर्या अब अपने पसंदीदा फॉर्मेट में वापसी कर रहे हैं। भारतीय प्रशंसकों को उम्मीद है कि सूर्या एक बार फिर मैदान के चारों ओर चौकों और छक्कों की बरसात करेंगे। न्यूज़ीलैंड के खिलाफ इस सीरीज को टी20 विश्व कप की तैयारी के अंतिम चरण के रूप में देखा जा रहा है, और सूर्या का प्रदर्शन यह तय करेगा कि भारत इस साल खिताब का कितना मजबूत दावेदार है। अंत में, सूर्या की फॉर्म न केवल उनके लिए बल्कि पूरी भारतीय टीम के मनोबल के लिए बेहद आवश्यक है।