पटना नीट छात्रा मौत के बाद पप्पू यादव का बड़ा कदम, गर्ल्स हॉस्टल छात्राओं के लिए जारी की दो विशेष हेल्पलाइन
Samachar Nama Hindi January 22, 2026 06:43 PM

राजधानी पटना में नीट की तैयारी कर रही छात्रा के साथ हुई घटना और उसकी दुखद मृत्यु के बाद बिहार की राजनीति और समाज में गहरी चिंता का माहौल है। इस गंभीर मामले को लेकर पूर्णिया से सांसद पप्पू यादव ने बड़ा और संवेदनशील कदम उठाया है। उन्होंने बिहार भर के गर्ल्स हॉस्टलों में रहने वाली छात्राओं की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए दो विशेष हेल्पलाइन नंबर जारी किए हैं, ताकि किसी भी तरह के शोषण, उत्पीड़न या परेशानी की स्थिति में छात्राएं तुरंत मदद ले सकें।

सांसद पप्पू यादव ने कहा कि पटना की घटना ने पूरे समाज को झकझोर कर रख दिया है। उन्होंने इसे सिस्टम की विफलता बताते हुए कहा कि पढ़ाई के लिए घर से दूर रहने वाली बेटियों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता होनी चाहिए। इसी को ध्यान में रखते हुए उन्होंने यह हेल्पलाइन सेवा शुरू की है, ताकि छात्राएं खुद को अकेला और असहाय महसूस न करें।

पप्पू यादव ने बेटियों से निडर रहने की अपील करते हुए कहा कि अगर किसी हॉस्टल में मानसिक, शारीरिक या किसी भी तरह का शोषण हो रहा है, पढ़ाई को लेकर दबाव है, या किसी तरह की असुरक्षा महसूस हो रही है, तो वे बिना डर के इन हेल्पलाइन नंबरों पर संपर्क करें। उन्होंने भरोसा दिलाया कि शिकायत करने वाली छात्रा की पहचान पूरी तरह गोपनीय रखी जाएगी और जरूरत पड़ने पर कानूनी व प्रशासनिक मदद भी मुहैया कराई जाएगी।

सांसद ने यह भी कहा कि प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रही छात्राएं पहले से ही भारी मानसिक दबाव में रहती हैं। ऐसे में अगर हॉस्टल या कोचिंग से जुड़े स्थानों पर उन्हें प्रताड़ना का सामना करना पड़े, तो यह बेहद गंभीर विषय है। उन्होंने सरकार और प्रशासन से भी मांग की कि राज्य के सभी गर्ल्स हॉस्टलों की नियमित जांच हो और वहां रहने वाली छात्राओं की काउंसलिंग की व्यवस्था की जाए।

पप्पू यादव ने आरोप लगाया कि कई बार छात्राएं डर या बदनामी के कारण अपनी समस्याएं साझा नहीं कर पातीं, जिसका नतीजा बेहद दुखद घटनाओं के रूप में सामने आता है। हेल्पलाइन का मकसद इसी डर को खत्म करना है। उन्होंने कहा कि यह सिर्फ एक राजनीतिक कदम नहीं, बल्कि सामाजिक जिम्मेदारी है।

इस पहल के बाद सोशल मीडिया पर भी लोगों की प्रतिक्रिया सामने आ रही है। कई अभिभावकों और सामाजिक संगठनों ने इस कदम का स्वागत किया है और इसे छात्राओं की सुरक्षा की दिशा में एक सकारात्मक पहल बताया है। हालांकि, साथ ही यह सवाल भी उठ रहा है कि क्या सिर्फ हेल्पलाइन से ही समस्या का समाधान होगा या सरकार को भी ठोस और स्थायी कदम उठाने होंगे।

फिलहाल, पटना की घटना की जांच जारी है और उसी बीच पप्पू यादव की यह पहल छात्राओं को यह भरोसा देने की कोशिश है कि संकट की घड़ी में वे अकेली नहीं हैं।

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