उल्लेखनीय है कि शिवसेना (UBT) की किशोरी पेडणेकर मुंबई की आखिरी मेयर थीं, जिनका कार्यकाल मार्च 2022 में समाप्त हो गया था। भाजपा की ओर से महापौर पद के लिए तीन महिला नेताओं के नाम सबसे आगे हैं। इनमें राजश्री शिरवाडकर, तेजस्वी घोसालकर और योगिता सुनील कोली के नाम प्रमुख हैं।
क्या है राजश्री की ताकतराजश्री शिरवाडकर ने वार्ड नंबर 172 (सायन-कोलीवाड़ा क्षेत्र) से जीत दर्ज की है।
उनकी सबसे बड़ी ताकत यह है कि उन्हें भाजपा का एक निष्ठावान और आक्रामक मराठी चेहरा माना जाता है। स्थानीय मुद्दों पर उनकी मजबूत पकड़ और सक्रियता उनके पक्ष में जाती है, विशेषकर तब जब भाजपा 'मराठी कार्ड' खेलने पर विचार कर रही हो।
घोसालकर का दावा क्यों मजबूत?दूसरा चर्चित नाम तेजस्वी घोसालकर का है, जो कि चुनाव से ठीक पहले उद्धव गुट को छोड़कर भाजपा में शामिल हुई थीं। तेजस्वी की सबसे बड़ी ताकत वे युवा, शिक्षित और अनुभवी हैं। दहिसर (वार्ड नंबर 2) से उनकी जीत ने भाजपा के उत्तरी मुंबई के किले को और मजबूत किया है। उनके नाम की चर्चा इसलिए भी है क्योंकि वे राजनीति की बारीकियों को अच्छे से समझती हैं। तेजस्वी भी फडणवीस की घोषणा के अनुरूप मराठी चेहरा हैं। चुनाव के दौरान मुख्यमंत्री देवेन्द्र फडणवीस ने कहा था कि मुंबई का अगला मेयर मराठी ही होगा। ALSO READ: कौन हैं तेजस्वी घोसालकर, मुंबई की संभावित मेयर जिन्होंने 2024 में पति अभिषेक की हत्या की त्रासदी झेली
योगिता कोली भी दौड़ में शामिलयोगिता सुनील कोली का नाम भी मुंबई के मेयर के लिए चल रहा है। उन्होंने मालाड वेस्ट के वार्ड नंबर 46 से जीत हासिल की है। मुंबई के कोली समुदाय (जो मुंबई का मूल निवासी माना जाता है) का प्रतिनिधित्व करने के कारण उनका पलड़ा भारी हो सकता है। भाजपा तटीय समुदायों को साधने के लिए उनके नाम पर विचार कर सकती है।
महापौर पद की दौड़ में पुरुष उम्मीदवारों में मकरंद नार्वेकर (राहुल नार्वेकर के भाई) और प्रभाकर शिंदे के नाम भी काफी मजबूती से लिए जा रहे थे, लेकिन भाजपा द्वारा महिला मेयर बनाने की घोषणा के बाद ये दोनों ही चेहरे दौड़ से बाहर हो गए हैं।
Edited by: Vrijendra Singh Jhala