News India Live, Digital Desk: क्रिकेट की दुनिया में आज के दौर को '360 डिग्री' बैटिंग का जमाना कहा जाता है। हर युवा खिलाड़ी चाहता है कि वह मैदान के हर कोने में शॉट मार सके। इसके लिए अक्सर खिलाड़ी घंटों नेट पर 'रेंज हिटिंग' यानी हर दिशा में हिट मारने की प्रैक्टिस करते हैं। लेकिन टीम इंडिया के उभरते हुए सितारे अभिषेक शर्मा का अंदाज़ थोड़ा अलग है।अभिषेक की वो बात जिसने सबको चौंका दियाहाल ही में एक इंटरव्यू के दौरान जब उनसे उनकी पावर हिटिंग के बारे में पूछा गया, तो उन्होंने मुस्कुराते हुए कहा, "सच कहूँ तो, मेरे पास बहुत सारे शॉट्स नहीं हैं।" यह सुनकर कोई भी हैरान हो सकता है, क्योंकि जो खिलाड़ी हर ओवर में बाउंड्री की बारिश करता हो, वो खुद ऐसा क्यों कह रहा है?क्या है 'रेंज हिटिंग' से उनकी दूरी का कारण?अभिषेक ने अपनी बैटिंग की बारीकियों पर बात करते हुए साफ़ किया कि वह 'रेंज हिटिंग' में बहुत ज्यादा विश्वास नहीं रखते। आधुनिक टी20 क्रिकेट में भले ही ये काफी लोकप्रिय है, लेकिन अभिषेक इसे थोड़ा अलग नज़रिये से देखते हैं। उनका मानना है कि बेवजह नए-नए शॉट्स ईजाद करने के चक्कर में इंसान अपनी असली ताक़त (Instinct) भूल सकता है।उनकी कामयाबी का असली मंत्र: अपनी ताकत पर भरोसाअभिषेक शर्मा की बैटिंग की खूबसूरती उनकी सादगी में है। उनका मानना है कि उनके पास भले ही सीमित शॉट्स हों, लेकिन वो उन्हीं को इतनी परफेक्शन के साथ खेलना चाहते हैं कि गेंद सीधे सीमा रेखा के पार जाए। उनका सारा ध्यान इस बात पर रहता है कि गेंद को कैसे बेहतर टाइम किया जाए और अपनी नैचुरल टाइमिंग का कैसे पूरा इस्तेमाल हो।सादगी में ही जादू हैक्रिकेट में हमने अक्सर देखा है कि खिलाड़ी 'एक्स्ट्रा' करने की कोशिश में अपना नेचुरल गेम खराब कर लेते हैं। अभिषेक का यह बयान हमें सिखाता है कि अगर आप जो जानते हैं, उसमें मास्टर (Master) बन जाएँ, तो आपको किसी फैंसी तकनीक की ज़रूरत नहीं पड़ती। युवराज सिंह के मेंटरशिप में पलकर बड़े हुए अभिषेक आज टीम इंडिया के लिए एक ऐसे 'ग्रेनेड' साबित हो रहे हैं, जो कम मगर बहुत ही सटीक शॉट्स के साथ विपक्षी टीम को हिलाने का दम रखते हैं।हो सकता है अभिषेक खुद कहें कि उनके पास बहुत शॉट्स नहीं हैं, लेकिन क्रिकेट प्रेमी जानते हैं कि वो जब अपनी लय में होते हैं, तो वही कुछ गिने-चुने शॉट्स पूरी दुनिया के बॉलर्स पर भारी पड़ते हैं।