नई दिल्ली: वर्ष 2025 के अंत तक भी कई टैक्सपेयर्स अपने आयकर रिफंड का इंतजार कर रहे हैं। रिफंड में देरी से लोग चिंतित हैं और आयकर विभाग से उत्तर की उम्मीद कर रहे हैं। इस बीच, केंद्रीय प्रत्यक्ष कर बोर्ड (CBDT) ने एक महत्वपूर्ण सूचना साझा की है, जिससे रिफंड का इंतजार कर रहे लोगों को राहत मिल सकती है।
CBDT के अधिकारियों के अनुसार, अगले महीने के अंत तक अधिकांश लंबित आयकर रिफंड टैक्सपेयर्स के बैंक खातों में ट्रांसफर कर दिए जाएंगे। हालांकि, इसके लिए यह आवश्यक है कि टैक्सपेयर्स का बैंक खाता सही और अद्यतन हो। यदि बैंक खाता गलत है या विवरण में कोई त्रुटि है, तो रिफंड में देरी हो सकती है।
आयकर विभाग ने टैक्सपेयर्स को सलाह दी है कि वे तुरंत आयकर की ई-फाइलिंग वेबसाइट पर जाकर अपने रिफंड का स्थिति देखें। साथ ही यह सुनिश्चित करें कि रिफंड के लिए दर्ज किया गया बैंक खाता सही है। अकाउंट नंबर, IFSC कोड और अकाउंट का प्राइमरी स्टेटस सही होना बहुत महत्वपूर्ण है।
विभाग ने बताया है कि कई मामलों में रिफंड इसलिए रोका गया है क्योंकि रिटर्न की जांच चल रही है। विशेष रूप से उन मामलों में देरी हुई है, जहां टैक्सपेयर्स ने राजनीतिक दलों को चंदा देने का दावा किया था। जांच में यह पाया गया कि कुछ मामलों में यह राशि राजनीतिक दलों के खातों में जमा नहीं हुई थी।
यदि आपका रिफंड स्टेटस अभी भी प्रोसेसिंग में है, तो इसकी वजह CPC बेंगलुरु में देरी हो सकती है। ऐसी स्थिति में, टैक्सपेयर्स CPC से सीधे संपर्क कर सकते हैं और अपने रिफंड की जानकारी प्राप्त कर सकते हैं।
कई बार आयकर विभाग रिफंड को इसलिए रोकता है क्योंकि टैक्सपेयर्स पर कोई पुराना टैक्स बकाया होता है। सेक्शन 245 के तहत रिफंड को उस बकाया से समायोजित किया जा सकता है। ऐसे मामलों में अपने आकलन अधिकारी से संपर्क करना आवश्यक होता है।
यदि रिफंड प्रोसेस हो चुका है लेकिन पैसा खाते में नहीं आया है, तो टैक्सपेयर्स ई-फाइलिंग पोर्टल पर जाकर e-Grievance के माध्यम से शिकायत दर्ज कर सकते हैं। शिकायत दर्ज करने के बाद विभाग उस पर कार्रवाई करता है और समस्या का समाधान किया जाता है।