यूक्रेन के राष्ट्रपति जेलेंस्की ने दावोस में विश्व आर्थिक मंच (World Economic Forum in Davos) में ईरान का जिक्र किया. जेलेंस्की ने कहा, ईरान को लेकर हर कोई यह देखने का इंतजार कर रहा है कि अमेरिका क्या कदम उठाएगा. दुनिया की तरफ से फिलहाल कुछ भी नहीं किया जा रहा है. यूरोप भी कोई पहल नहीं कर रहा है. साथ ही उन्होंने ईरान के सुप्रीम लीडर अयातुल्लाह खामेनेई को हटाने की अपील की. इसी के बाद अब ईरान के विदेश मंत्री ने जेलेंस्की पर पलटवार किया है.
ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने जेलेंस्की पर पलटवार करते हुए कहा, एक तरफ UN की दुहाई देकर दूसरे देशों से मदद मांगते हो और दूसरी तरफ UN चार्टर का उल्लंघन कर ईरान पर हमले को सपोर्ट करते हो. साथ ही उन्होंने कहा, मिस्टर जेलेंस्की, ईरान की रक्षा के लिए अपनी सेना है तुम्हारी तरह विदेशी मदद पर भाड़े के टट्टू नहीं.
ईरान ने किया जेलेंस्की पर पलटवारईरान के विदेश मंत्री ने सोशल मीडिया हैंडल एक्स पर पोस्ट करते हुए कहा, दुनिया में ऐसे जोकरों की कमी नहीं है. दुनिया अब ऐसे जोकरों से तंग आ चुकी है. आपकी विदेशी समर्थन से चलने वाली और भाड़े के सैनिकों से भरी सेना के उलट, हम ईरानी खुद अपनी रक्षा करना जानते हैं और हमें किसी से मदद की भीख नहीं मांगनी पड़ती.
जेलेंस्की ने ईरान को लेकर क्या कहा?.@ZelenskyyUa has been rinsing American and European taxpayers to fill the pockets of his corrupt generals and to confront what he calls an unlawful aggression in violation of the UN Charter.
At the same time, he openly and unashamedly calls for unlawful U.S. aggression against pic.twitter.com/a8wWmXzWno
— Seyed Abbas Araghchi (@araghchi)
जेलेंस्की ने ईरान को लेकर WEF में कहा, ईरान में विरोध प्रदर्शनों को लेकर बहुत चर्चा हुई, लेकिन वहां खून बहा. दुनिया ने ईरानी जनता की उतनी मदद नहीं की, जितनी करनी चाहिए थी. शुरुआती दिनों में दुनिया एक तरह से किनारे खड़ी रही. जब तक नेता दोबारा एक्टिव हुए और कोई रुख तय करने लगे, तब तक खामेनेई हजारों लोगों को मार चुका था.
जेलेंस्की ने आगे कहा, अब सवाल है कि इस खून-खराबे के बाद ईरान क्या बनेगा? अगर यह शासन बचा रहता है, तो यह हर तानाशाह को एक साफ संदेश देगा — लोगों को मार दो और सत्ता में बने रहो. यूरोप में कौन चाहेगा कि ऐसा संदेश सच साबित हो? साथ ही उन्होंने यूरोप को टारगेट करते हुए कहा, इसके बावजूद, यूरोप ने अपनी तरफ से कोई ठोस प्रतिक्रिया तैयार करने की कोशिश तक नहीं की.
इसी के साथ जेलेंस्की ने अमेरिका के ईरान पर एक्शन का जिक्र करते हुए कहा, ईरान को लेकर हर कोई यह देखने का इंतजार कर रहा है कि अमेरिका क्या करेगा. लेकिन, दुनिया की तरफ से कुछ भी नहीं हो रहा. यूरोप भी कुछ नहीं कर रहा है और न ही वो ईरानी जनता और उन्हें जिस लोकतंत्र की जरूरत है, उसके समर्थन में इस मुद्दे में पड़ना चाहता है.
ईरान को लेकर US क्या एक्शन लेगा?अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने दावोस से लौटते समय ईरान को लेकर बात की. ट्रंप ने कहा, ईरान के पास बड़े पैमाने पर मिलिट्री जमावड़े का ऐलान किया. उन्होंने कहा, हमारा एक बड़ा बेड़ा ईरान की तरफ जा रहा है और हम देखेंगे कि क्या होता है. हमारी एक बड़ी सेना ईरान की ओर जा रही है. मैं नहीं चाहता कि कुछ भी हो. मगर हम उन पर बहुत नजदीक से नजर रख रहे हैं. हमारे पास एक आर्मडा है. शायद हमें इसका इस्तेमाल नहीं करना पड़ेगा. हम देखेंगे.