ED का रोहतास ग्रुप पर एक्शन, खरीदारों से जुटाए पैसों से खरीदी थी जमीन, 350 करोड़ से ज्यादा की संपत्ति अटैच
TV9 Bharatvarsh January 24, 2026 04:43 AM

उत्तर प्रदेश में रियल एस्टेट घोटाले के एक बड़े मामले में प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने बड़ा एक्शन लिया है. ED ने रोहतास ग्रुप से जुड़ी करीब 158.85 करोड़ रुपये की संपत्तियों को अस्थायी रूप से अटैच कर लिया है. मौजूदा बाजार कीमत के हिसाब से इन संपत्तियों की कीमत 350 करोड़ रुपये से ज्यादा बताई जा रही है.

ED की लखनऊ जोनल टीम ने यह कार्रवाई मनी लॉन्ड्रिंग रोकथाम कानून (PMLA), 2002 के तहत की है. ED ने इस मामले में 75 अचल संपत्तियां और 2 चल संपत्तियां जब्त की है. अटैच की गई अचल संपत्तियों की कीमत करीब 141.21 करोड़ रुपये है, जो रोहतास ग्रुप के प्रमोटर दीपक रस्तोगी, रोहतास ग्रुप की सहयोगी कंपनियों, वर्दान टाउनशिप प्राइवेट लिमिटेड, कई बेनामी लोगों और आध्याये रियल्टी इंफ्रास्ट्रक्चर एलएलपी के नाम पर दर्ज है. वहीं इसके अलावा 17.64 करोड़ रुपये की चल संपत्तियां हाईनेस इंफ्रा डेवलपर्स प्राइवेट लिमिटेड के नाम पर पाई गई हैं. ये सभी संपत्तियां लखनऊ में स्थित हैं.

पुलिस की 83 FIR के आधार ED ने की जांच शुरू

प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने यह जांच उत्तर प्रदेश पुलिस द्वारा दर्ज 83 एफआईआर के आधार पर शुरू की थी. जांच में सामने आया कि रोहतास प्रोजेक्ट लिमिटेड ने सुल्तानपुर रोड प्रोजेक्ट, रायबरेली रोड प्रोजेक्ट और रोहतास प्लूमेरिया के नाम से टाउनशिप योजनाएं शुरू कीं. इन योजनाओं में लोगों को प्लॉट, जमीन या फ्लैट बुक कराने पर 30 महीने बाद कब्जा या फिर बुकिंग राशि का 150 फीसदी वापस देने का लालच दिया गया. लेकिन हकीकत यह रही कि न तो इन प्रोजेक्ट्स का विकास हुआ और न ही ग्राहकों का पैसा लौटाया गया. हजारों खरीदार अपने पैसे के लिए दर-दर भटकते रहे.

इस तरह ब्लैक मनी को किया वाइट

ईडी की जांच में खुलासा हुआ है कि खरीदारों से जुटाए गए पैसों को जमीन खरीदने में डायवर्ट किया गया. ये जमीनें रोहतास ग्रुप की सहयोगी कंपनियों और बेनामी लोगों के नाम पर खरीदी गईं. बाद में इन जमीनों को छिपाने के लिए उन्हें वर्दान टाउनशिप प्राइवेट लिमिटेड और आध्याये रियल्टी इंफ्रास्ट्रक्चर एलएलपी के नाम ट्रांसफर कर दिया गया. कुछ जमीनें बाद में खुद दीपक रस्तोगी ने बेनामी लोगों से अपने नाम करवाईं और उन्हें बैंकों में गिरवी रखकर लोन लिया गया, ताकि काले पैसे को सफेद किया जा सके.

ED, Lucknow Zonal Office, has provisionally attached 75 immovable and 2 movable properties worth Rs. 158.85 Crore, having a current market value of more than Rs. 350 Crore, under PMLA, 2002, in connection with a money laundering case related to M/s Rohtas Project Limited & pic.twitter.com/gjMbALoJPk

— ED (@dir_ed)


गौरतलब है कि इस मामले में अक्टूबर 2025 में भी ईडी ने 110.05 करोड़ रुपये की 68 संपत्तियां अटैच की थीं. अब तक इस केस में कुल 268.9 करोड़ रुपये की संपत्तियां जब्त की जा चुकी हैं. ईडी का कहना है कि मामले में जांच जारी है और आगे और भी बड़ी कार्रवाई हो सकती है.

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