वैश्विक ऊर्जा बाजार की स्थिरता पर मंत्री हरदीप सिंह पुरी का बयान
newzfatafat January 24, 2026 09:43 PM

पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने शुक्रवार को कहा कि भू-राजनीतिक अस्थिरता के बावजूद, वैश्विक ऊर्जा बाजार में स्थिरता बनी हुई है और मांग को पूरा करने के लिए पर्याप्त आपूर्ति उपलब्ध है।


सकारात्मक भूमिका की आवश्यकता

पुरी ने संवाददाताओं से बातचीत में बताया कि ऊर्जा उत्पादकों और उपभोक्ताओं को एक लचीला, टिकाऊ और भरोसेमंद बाजार सुनिश्चित करने में सक्रिय भूमिका निभानी चाहिए। उन्होंने कहा कि पिछले वर्ष में दुनिया अधिक रोमांचक और चुनौतीपूर्ण हो गई है। वैश्विक स्तर पर तेल की कोई कमी नहीं है, लेकिन कुछ अन्य कारक प्रभावी हैं।


भारत की ऊर्जा आपूर्ति का विविधीकरण

पेट्रोलियम मंत्री ने बताया कि भारत ने अपनी ऊर्जा आपूर्ति को विविधित किया है और अब 27 देशों से बढ़कर 41 देशों से कच्चा तेल आयात कर रहा है। इससे बाजार की स्थिति के अनुसार निर्णय लेना आसान हो गया है।


आपूर्ति की स्थिति

पुरी ने कहा कि कुछ स्रोतों से आपूर्ति पहले बढ़ी थी, लेकिन अब थोड़ी कम हो रही है। फिर भी, कुल मिलाकर वैश्विक आपूर्ति पर्याप्त बनी हुई है और आगे भी बनी रहेगी। गुयाना, सूरीनाम और ब्राजील जैसे देशों से ऊर्जा आपूर्ति में वृद्धि हो रही है, जो बाजार के लिए सकारात्मक है।


रूस का अप्रत्यक्ष उल्लेख

मंत्री ने रूस का सीधे उल्लेख किए बिना कहा कि फरवरी 2022 से पहले एक देश से आपूर्ति नगण्य थी, लेकिन यह अचानक तेजी से बढ़ गई है। अब यह थोड़ी घट रही है। उन्होंने कहा कि बाजार ही इस स्थिति का निर्धारण करता है।


भविष्य की आपूर्ति

पुरी ने कहा कि उन्हें नहीं पता कि वेनेजुएला या ईरान से अधिक आपूर्ति आएगी या नहीं, लेकिन उन्हें नहीं लगता कि इन देशों की घटनाओं से आपूर्ति में कोई कमी आएगी।


भारत में ऊर्जा की उपलब्धता

उन्होंने भारत में ऊर्जा की उपलब्धता के प्रति आश्वस्ति जताते हुए कहा कि उन्हें भविष्य में किसी कमी की उम्मीद नहीं है, लेकिन संतुलित कीमतों और आपूर्ति सुनिश्चित करने की आवश्यकता है।


इंडिया एनर्जी वीक

पुरी ने गोवा में 27 जनवरी से शुरू होने वाले इंडिया एनर्जी वीक के बारे में जानकारी देने के लिए आयोजित कार्यक्रम में कहा कि वैश्विक ऊर्जा बाजार को सकारात्मक और साझा दृष्टिकोण से आगे बढ़ाना महत्वपूर्ण है।


उत्पादक और उपभोक्ता के बीच संबंध

केंद्रीय मंत्री ने कहा कि उत्पादक और उपभोक्ता के बीच पारंपरिक विभाजन अब प्रासंगिक नहीं रह गया है, और दोनों पक्षों की साझा दिलचस्पी है कि ऊर्जा बाजार मजबूत और भरोसेमंद बना रहे।


मूल्य अस्थिरता की चेतावनी

उन्होंने अत्यधिक मूल्य अस्थिरता पर भी चेतावनी दी, क्योंकि बहुत ऊंची कीमतें खपत को प्रभावित कर सकती हैं और बहुत कम कीमतें निवेश को रोक सकती हैं। मौजूदा परिवेश को सकारात्मक बताते हुए उन्होंने कहा कि वैश्विक ऊर्जा बाजार बदलाव के दौर से गुजरने के बावजूद स्थिर बने हुए हैं।


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