यहां बुने जाते हैं राष्ट्र के सपने, हुबली का वो इकलौता केंद्र, जहां से आता है लाल किले वाला तिरंगा
एबीपी लाइव January 25, 2026 06:42 PM

लाल किले पर फहराया जाने वाला तिरंगा कर्नाटक के हुबली में तैयार होता है. खादी का कपड़ा बालाकोट के एक गांव के मजदूर बनाते हैं. कर्नाटक खादी ग्रामोद्योग संयुक्त संघ (केकेजीएसएसएफ) यह तिरंगा बनाता है. यह देश में ऐसा इकलौता संगठन है, जिसे तिरंगा बनाने के लिए भारत सरकार से लाइसेंस मिला हुआ है. 

ब्यूरो ऑफ इंडियन स्टैंडर्ड (बीआईएस) के मुताबिक झंडे तैयार किए जाते हैं. फेडरेशन के सचिव एचएन एंटिन ने बताया कि 126 कर्मचारी साल भर तिरंगा बनाते हैं और इनमें ज्यातादर महिलाएं काम करती हैं. राष्ट्र ध्वज के लिए खादी बालाकोट के तुलसीगेरी गांव में तैयार की जाती है. इसके बाद हुबली सेंटर में तिरंगे की सिलाई होती है. लाल किले पर फहराए जाने वाले तिरंगे का ऑर्डर करीब 2 महीने पहले आता है.  

कैसे बनाया जाता है तिरंगा
लाल किले पर फहराए जाने वाला तिरंगे की कीमत 6500 रुपए होती है. तिरंगा बनाने के लिए 6 चरण होते हैं. सबसे पहले हाथ से कताई होता है फिर बुनाई, रंगाई, चक्र की छपाई, सिलाई और बंधाई करनी पड़ती है. एंटिन के मुताबिक हाई मास्ट पर 21x14 फीट के झंडे लगाए जाते हैं और इनकी कीमत 17,800 रुपए होती है. मंत्रियों की कारों में लगने वाला झंडा 300 रुपए और टेबल पर लगाने वाला तिरंगा 200 रुपए में मिलता है. फ्लैग कोड के मुताबिक राष्ट्र ध्वज का आकार 3:2 यानी आयताकार होना चाहिए. 

फ्लैग कोड ऑफ इंडिया के तहत होता है तैयार
तिरंगा तैयार करने के लिए बीआईएस की गाइडलाइन का सख्ती से पालन करना होता है, क्योंकि राष्ट्र ध्वज की रंगाई, आकार, धागे की मात्रा और सूत की मजबूती में किसी तरह की गलती की गुंजाइश नहीं होती है. फ्लैग कोड ऑफ इंडिया 2002 के तहत तय मानकों का उल्लंघन गंभीर अपराध है और ऐसा करने पर सजा और जुर्माना या दोनों हो सकता हैय 

कर्नाटक में केकेजीएसएसएफ की स्थापना एक गांधीवादी समूह ने खादी और ग्रामोद्योग को बढ़ावा देने के लिए की थी. वेंकटेश टी मगादी संघ के पहले चेयरमैन बने थे. 2004 में फेडरेशन ने राष्ट्रध्वज बनाने के लिए एक यूनिट शुरू की. बाद में इसे खादी एंव ग्रामोद्योग कमीशन (केवीआईसी) से लाइसेंस दिया गया. हुबली में खादी संघ का मुख्यालय 17 एकड़ में फैला है.

Republic Day 2026 Parade: गणतंत्र दिवस के मौके पर पर दिखेगी भारत की ताकत! फ्लाईपास्ट में राफेल, सुखोई-30 होंगे शामिल, जानें पूरी डिटेल

© Copyright @2026 LIDEA. All Rights Reserved.