हैदराबाद के नामपल्ली स्टेशन रोड पर चार मंजिला फर्नीचर शॉप में शनिवार को भीषण आग लगने से पांच लोगों की जान चली गई. मृतकों में दो बच्चे और एक बुजुर्ग महिला शामिल हैं, इनके शव रविवार को बेसमेंट से बरामद किए गए हैं. यह घटना इसलिए और भी हैरान करने वाली है क्योंकि मृतक बेसमेंट में रह रहे एक चौकीदार के परिवार के सदस्य थे, जहां कानूनन सिर्फ पार्किंग होनी चाहिए थी. आग और धुएं के बीच फंसे इन लोगों की मौत संभवतः दम घुटने से हुई है.
एक लापरवाही ने किया पूरे परिवार को तबाह
मौके पर मौजूद रहने के दौरान यह देखना दर्दनाक था कि किस प्रकार लापरवाही ने एक पूरे परिवार को तबाह कर दिया. तेलंगाना आपदा प्रतिक्रिया विभाग के महानिदेशक विक्रम सिंह मान ने बताया कि इमारत के दोनों बेसमेंट में भारी मात्रा में फर्नीचर, कच्चा माल, प्लास्टिक, गद्दे और खतरनाक रसायन जमा थे. सबसे चौंकाने वाली बात यह थी कि बेसमेंट में एक सुरक्षा गार्ड और उसके परिवार के लिए एक कमरा भी बनाया गया था, जो पूरी तरह से गैर-कानूनी था.
बचाव अभियान के दौरान बेसमेंट तक जाने वाला रैंप माल से बंद पाया गया, जिससे राहत और बचाव दल को भारी कठिनाई का सामना करना पड़ा. पुलिस, अग्निशमन सेवा, एनडीआरएफ और हैदराबाद आपदा प्रतिक्रिया एजेंसी (HYDRAA) के जवानों ने मिलकर आग पर काबू पाया, लेकिन घना धुआं बचाव कार्य में बाधा बना रहा था. स्थानीय नेताओं, एमएलसी मिर्जा रहमत बैग और कारपोरेटर ज़फर खान की तत्काल प्रतिक्रिया और मौके पर मौजूदगी ने बचाव कार्यों को गति दी.
फर्नीचर शॉप मालिक के खिलाफ मामला दर्ज
पुलिस ने फर्नीचर शॉप के मालिक के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया है और आग लगने के कारणों की जांच शुरू कर दी है. शवों का पोस्टमार्टम किया जाएगा, जिससे मौत का सटीक कारण सामने आएगा। यह घटना शहर में भवन नियमों और सुरक्षा मानकों की लापरवाही को उजागर करती है. पीड़ित परिवारों के प्रति संवेदना व्यक्त की गई है, लेकिन यह सवाल भी उठता है कि आखिर इतनी बड़ी लापरवाही कैसे हो सकती है और जिम्मेदारों को कब तक बख्शा जाएगा.