प्रयागराज में स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद और मेला प्रशासन के बीच चल रहे विवाद ने एक नया मोड़ ले लिया है। यूपी के डिप्टी सीएम केशव मौर्य ने शंकराचार्य से इस विवाद को समाप्त करने की अपील की है। मौर्य रविवार शाम प्रयागराज पहुंचे, लेकिन उन्होंने सर्किट हाउस से 8 किमी दूर धरने पर बैठे शंकराचार्य से मुलाकात नहीं की। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री ने इस मामले का संज्ञान लिया है और जब भी बात करने का अवसर मिलेगा, वह जरूर करेंगे।
केशव मौर्य ने शंकराचार्य के उस बयान पर भी प्रतिक्रिया दी, जिसमें उन्होंने स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद को समझदार और मुख्यमंत्री बनाए जाने की इच्छा जताई थी। मौर्य ने कहा कि अविमुक्तेश्वरानंद एक संत हैं और उनकी भावनाओं का सम्मान किया जाना चाहिए। यदि वह किसी को मुख्यमंत्री के रूप में देखना चाहते हैं, तो यह उनकी भावना का सम्मान करना चाहिए।
शनिवार रात, कट्टर सनातनी सेना नामक संगठन के 8 से 10 युवक भगवा झंडा लिए शंकराचार्य के शिविर में घुसने का प्रयास कर रहे थे। उन्होंने 'आई लव बुलडोजर बाबा' और 'योगी जिंदाबाद' के नारे लगाए। इस दौरान अविमुक्तेश्वरानंद के शिष्यों के साथ धक्का-मुक्की भी हुई। यह हंगामा 15 मिनट तक चला। संगठन के प्रमुख का नाम सचिन सिंह बताया जा रहा है। इसके बाद, शंकराचार्य के शिष्यों ने शिविर को चारों ओर से ढक दिया।
हंगामे पर प्रतिक्रिया देते हुए अविमुक्तेश्वरानंद ने कहा कि उन पर आक्रमण इसलिए किया गया है क्योंकि वे गो-रक्षा की बात कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि वे भाजपा की आंखों की किरकिरी बन गए हैं और जितना भी उन पर दबाव डाला जाएगा, वे उतनी ही मजबूती से खड़े रहेंगे।