'मुझे गंदगी बर्दाश्त नहीं,' पद्मश्री पुरस्कार की घोषणा पर बोले इंदरजीत सिद्धू
Samachar Nama Hindi January 26, 2026 04:42 AM

चंडीगढ़, 25 जनवरी (आईएएनएस)। केंद्र सरकार द्वारा वर्ष 2026 के लिए सामाजिक कार्य के क्षेत्र में चंडीगढ़ के इंदरजीत सिंह सिद्धू को पद्मश्री पुरस्कार देने की घोषणा की गई।

सिद्धू रोजाना सड़कों, पार्कों और सार्वजनिक स्थानों से कूड़ा उठाकर स्वच्छता का संदेश देते हैं। कई बार लोग उन्हें पागल समझ बैठते हैं और उनका मजाक उड़ाते हैं, लेकिन वे कभी भी इस बात को दिल पर नहीं लगाते। उनका एकमात्र उद्देश्य है कि सफाई बनाए रखी जाए, चाहे लोग उन्हें कुछ भी कहें।

पद्मश्री पुरस्कार की घोषणा से बेहद खुश इंदरजीत सिंह सिद्धू ने समाचार एजेंसी आईएएनएस से बातचीत में कहा कि मैं भारत देश का धन्यवाद करना चाहता हूं। हमारे जैसे बुजुर्ग को पद्मश्री दिया जा रहा है। इससे मुझे बहुत खुशी हो रही है। उन्होंने कहा कि यह कोई संदेश देने वाली बात नहीं है। हर इंसान का फर्ज बनता है कि वह अपने आसपास सफाई बनाए रखे और गंदगी न फैलाए, लेकिन लोग गंदगी करते हैं, शायद उन्हें गंदगी करना पसंद हो, हमें गंदगी से नफरत है। मैं खुद गंदगी साफ करने के लिए निकल जाता हूं।

बातचीत के दौरान सिद्धू एक बात का जिक्र करते हुए भावुक हो गए। उन्होंने कहा कि दुख होता है कि जब वे सड़कों से कूड़ा हटा रहे होते हैं तो उन्हें लोगों की ओर से ताने मारे जाते हैं। कई बार तो उन्हें पागल भी बुलाया गया।

उन्होंने कहा कि लोग मुझे पागल बुलाते हैं। मैं बस इतना कहना चाहता हूं कि मैं पागल नहीं हूं। मुझे गंदगी बर्दाश्त नहीं होती। सिद्धू जो काम कर रहे हैं, वह हमारी युवा पीढ़ी के लिए एक संदेश है कि हम अपने आसपास सफाई बनाए रखें। वह कचरे का हर टुकड़ा जो साफ करते हैं, वह सिर्फ कचरा हटाना नहीं है, यह एक संदेश है। उम्र भले ही कितनी भी हो, अगर कुछ करने की मन में जिज्ञासा हो तो किया जा सकता है।

बता दें कि गत वर्ष उनका एक वीडियो सोशल मीडिया पर जमकर वायरल हुआ था, जिसमें वे सुबह-सुबह सड़कों से कूड़ा उठाते हुए नजर आए थे।

--आईएएनएस

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