इलेक्ट्रिक वाहनों को अपनाने से वायु प्रदूषण को कम करने में मिल रही मदद : रिपोर्ट
Samachar Nama Hindi January 27, 2026 04:43 AM

नई दिल्ली, 26 जनवरी (आईएएनएस)। इलेक्ट्रिक वाहनों के बढ़ते उपयोग से अमेरिका के कैलिफोर्निया के आस-पास के इलाकों में वायु गुणवत्ता में पहले के मुकाबले सुधार हो रहा है। यह जानकारी एक रिपोर्ट में सोमवार को दी गई।

केके स्कूल ऑफ मेडिसिन ऑफ यूएससी के रिसर्च द्वारा किए गए अध्ययन के अनुसार, हाई-रिजॉल्यूशन सैटेलाइट डेटा का उपयोग करते हुए, टीम ने पहली सांख्यिकीय में शून्य-उत्सर्जन वाहनों से सीधे जुड़े नाइट्रोजन डाइऑक्साइड प्रदूषण में महत्वपूर्ण गिरावट दर्ज की है, जिससे पता चलता है कि स्वच्छ परिवहन आज वास्तविक लाभ प्रदान कर रहा है।

द लैंसेट प्लेनेटरी हेल्थ में प्रकाशित इस अध्ययन में 2019 से 2023 के बीच वायु प्रदूषण के स्तर में आए बदलावों का विश्लेषण किया गया है, क्योंकि अधिक से अधिक कैलिफोर्निया के लोग शून्य-उत्सर्जन वाले वाहनों, जिनमें पूरी तरह से इलेक्ट्रिक और प्लग-इन हाइब्रिड कारें शामिल हैं, की ओर रुख कर रहे हैं।

रिसर्चर्स ने पाया कि किसी भी इलाके में हर 200 इलेक्ट्रिक वाहनों के जुड़ने से नाइट्रोजन डाइऑक्साइड का स्तर लगभग 1.1 प्रतिशत कम हो जाता है।

नाइट्रोजन डाइऑक्साइड एक हानिकारक प्रदूषक है जो मुख्य रूप से जीवाश्म ईंधन जलाने से उत्पन्न होता है और अस्थमा, ब्रोंकाइटिस, हृदय रोग और स्ट्रोक का कारण बनता है।

हालांकि, इलेक्ट्रिक वाहनों को अकसर जलवायु परिवर्तन से निपटने के दीर्घकालिक उपाय के रूप में बढ़ावा दिया जाता है, लेकिन यह शोध दर्शाता है कि वे अल्पकालिक रूप से भी हवा को स्वच्छ बना रहे हैं।

सीनियर लेखक डॉ. एरिका गार्सिया ने कहा कि ये नतीजे इसलिए जरूरी हैं क्योंकि हवा का प्रदूषण लगभग तुरंत सेहत पर असर डालता है।

ट्रैफिक से होने वाला प्रदूषण कम समय और लंबे समय दोनों में फेफड़ों और दिल को नुकसान पहुंचा सकता है, जिससे इसमें कमी समुदाय की भलाई के लिए बहुत अधिक मायने रखती है।

मुख्य लेखक डॉ. सैंड्रा एकेल ने कहा कि भले ही कैलिफ़ोर्निया में सभी कारों में इलेक्ट्रिक वाहनों का हिस्सा अभी भी कम है, लेकिन उनका असर पहले से ही मापा जा सकता है।

--आईएएनएस

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