यूजीसी के नए नियमों के खिलाफ लखनऊ विश्वविद्यालय में छात्रों का प्रदर्शन
Samachar Nama Hindi January 28, 2026 02:43 AM

लखनऊ, 27 जनवरी (आईएएनएस)। यूनिवर्सिटी ग्रांट्स कमीशन (यूजीसी) के नए नियम के खिलाफ लखनऊ विश्वविद्यालय के सामने छात्रों ने जोरदार प्रदर्शन किया। छात्र मानते हैं कि यूजीसी के हाल ही में अधिसूचित नियम जनरल कैटेगरी के छात्रों के खिलाफ भेदभाव को बढ़ावा दे सकते हैं। छात्रों ने नारेबाजी करते हुए प्रशासन से उनकी मांगों पर तुरंत ध्यान देने और नियमों में सुधार करने की अपील की। प्रदर्शन में कई छात्र-नेता और विवि छात्र संगठन शामिल रहे।

विश्विद्यालय में मंगलवार को छात्रों के जोरदार प्रदर्शन के बाद हालात इतने तनावपूर्ण हो गए कि प्रशासन को पूरे परिसर में भारी पुलिस बल तैनात करना पड़ा और विश्वविद्यालय पुलिस छावनी में तब्दील हो गया। प्रवेश द्वार संख्या-एक पर एकत्र छात्रों ने यूजीसी के नए नियमों को अव्यवहारिक, अस्पष्ट और मनमाना करार देते हुए तत्काल वापस लेने की मांग की।

छात्रों का आरोप है कि इन प्रावधानों से शैक्षणिक माहौल में असमंजस पैदा होगा और भविष्य में इसका दुरुपयोग कर निर्दोष छात्रों को फंसाया जा सकता है। प्रदर्शनकारियों का कहना था कि प्रस्तावित नियमों में संस्थागत समितियों को असाधारण अधिकार सौंप दिए गए हैं, जबकि झूठे या दुर्भावनापूर्ण आरोपों से बचाव के लिए कोई स्पष्ट सुरक्षा तंत्र नहीं रखा गया है। इससे अलग-अलग कॉलेजों और विभागों में नियमों की मनमानी व्याख्या और असमान प्रयोग की आशंका बढ़ जाती है।

छात्रों ने नियमों को 'काला कानून' बताते हुए आरोप लगाया कि ये सामान्य वर्ग के छात्रों के प्रति भेदभावपूर्ण हैं और कैंपस में टकराव, भय और विभाजन की स्थिति पैदा करेंगे। वहीं, विश्वविद्यालय प्रशासन ने आरोप लगाया कि प्रदर्शन के चलते शैक्षणिक और परीक्षा संबंधी गतिविधियां बाधित हुई हैं और अनुशासनहीनता पर सख्त कार्रवाई की चेतावनी भी दी है। प्रवेश द्वार संख्या-एक के बाद प्रदर्शनकारी छात्र गेट नंबर-तीन की ओर भी बढ़े, जहां नारेबाजी और विरोध जारी रहा। किसी भी अप्रिय स्थिति से निपटने के लिए पुलिस और पीएसी के जवानों को परिसर के संवेदनशील स्थानों पर तैनात किया गया।

बता दें कि यूजीसी ने वर्ष 2026 में इक्विटी इन हायर एजुकेशन रेगुलेशंस लागू किए हैं, जिनका उद्देश्य उच्च शिक्षण संस्थानों में भेदभाव रोकना और सभी वर्गों को समान अवसर उपलब्ध कराना बताया गया है। नियमों के तहत प्रत्येक संस्थान में समान अवसर केंद्र की स्थापना, शिकायत निवारण समितियों का गठन, 24 घंटे की हेल्पलाइन और समयबद्ध कार्रवाई अनिवार्य की गई है। नियमों के उल्लंघन पर यूजीसी द्वारा कार्रवाई और आर्थिक दंड का भी प्रावधान रखा गया है।

--आईएएनएस

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