कोलंबो के आर. प्रेमदासा स्टेडियम में खेले गए निर्णायक तीसरे एकदिवसीय मुकाबले में इंग्लैंड ने मेजबान श्रीलंका को 53 रनों से करारी शिकस्त देकर सीरीज 2-1 से अपने नाम कर ली है। इस जीत के सबसे बड़े सूत्रधारों में युवा सनसनी जेकब बेथेल रहे, जिन्होंने कठिन समय में टीम को संभाला और बड़े स्कोर की नींव रखी। टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी करने उतरी इंग्लैंड की शुरुआत काफी खराब रही थी। टीम ने केवल 40 रनों के भीतर ही अपने दो महत्वपूर्ण विकेट गंवा दिए थे। सलामी बल्लेबाज बेन डकेट (7 रन) और रेहान अहमद (24 रन) जल्दी पवेलियन लौट गए थे, जिससे इंग्लैंड की टीम संकट में नजर आ रही थी।
ऐसे समय में मैदान पर उतरे जेकब बेथेल ने अनुभवी जो रूट के साथ मिलकर पारी को आगे बढ़ाया। बेथेल ने न केवल धैर्य दिखाया बल्कि श्रीलंकाई स्पिनरों के खिलाफ शानदार फुटवर्क का इस्तेमाल भी किया। उन्होंने जो रूट के साथ तीसरे विकेट के लिए 126 रनों की महत्वपूर्ण साझेदारी की। बेथेल ने अपनी 72 गेंदों की पारी में 8 चौकों की मदद से 65 रन बनाए। यह उनके वनडे करियर का पांचवां अर्धशतक था। उनकी इस पारी ने कप्तान हैरी ब्रूक के लिए एक मजबूत मंच तैयार किया, जिन्होंने बाद में आकर विस्फोटक अंदाज में बल्लेबाजी की।
जेकब बेथेल के आउट होने के बाद हैरी ब्रूक और जो रूट ने श्रीलंकाई गेंदबाजों की जमकर धुनाई की। ब्रूक ने महज 66 गेंदों पर नाबाद 136 रनों की तूफानी पारी खेली, जिसमें 11 चौके और 9 गगनचुंबी छक्के शामिल थे। वहीं, दूसरी छोर पर जो रूट ने अपना 20वां वनडे शतक पूरा किया और 108 गेंदों पर 111 रन बनाकर नाबाद रहे। इंग्लैंड ने 50 ओवरों में 357/3 का विशाल स्कोर खड़ा किया। लक्ष्य का पीछा करने उतरी श्रीलंका की टीम के लिए पवन रतनायके ने 121 रनों की जुझारू पारी खेली, लेकिन इंग्लैंड के गेंदबाजों के सामने उनकी कोशिश नाकाफी रही। श्रीलंका की पूरी टीम 46.4 ओवरों में 304 रनों पर सिमट गई। इंग्लैंड की ओर से विल जैक्स, लियम डॉसन और आदिल रशीद ने दो-दो विकेट चटकाए। जेकब बेथेल की परिपक्वता ने चयनकर्ताओं को काफी प्रभावित किया है, खासकर एशेज के बाद सीमित ओवरों के क्रिकेट में उनकी निरंतरता इंग्लैंड के लिए आने वाले समय में काफी शुभ संकेत है।