कोलंबो के आर. प्रेमदासा स्टेडियम में मंगलवार, 27 जनवरी 2026 को खेले गए निर्णायक तीसरे एकदिवसीय मुकाबले में इंग्लैंड के कप्तान हैरी ब्रूक ने अपनी बल्लेबाजी से तबाही मचा दी। ब्रूक ने केवल 66 गेंदों पर नाबाद 136 रनों की विस्फोटक पारी खेली, जिसकी बदौलत इंग्लैंड ने श्रीलंका को 53 रनों से हराकर वनडे सीरीज 2-1 से अपने नाम कर ली। यह जीत इंग्लैंड के लिए इसलिए भी खास है क्योंकि उन्होंने श्रीलंका के अपने घर में पिछले पांच वर्षों से चले आ रहे अजेय अभियान को समाप्त कर दिया है।
मैच की बात करें तो इंग्लैंड ने टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी का फैसला किया था। शुरुआती झटकों के बाद जो रूट (नाबाद 111 रन) और जेकब बेथेल (65 रन) ने पारी को संभाला। लेकिन असली रोमांच तब शुरू हुआ जब 32वें ओवर में कप्तान हैरी ब्रूक क्रीज पर उतरे। ब्रूक ने शुरू में संभलकर बल्लेबाजी की और अपना अर्धशतक 40 गेंदों में पूरा किया। इसके बाद उन्होंने जो रौद्र रूप धारण किया, उससे श्रीलंकाई गेंदबाज पस्त नजर आए। ब्रूक ने अगले 50 रन महज 17 गेंदों में ठोकते हुए अपना शतक सिर्फ 57 गेंदों में पूरा कर लिया। यह एक इंग्लिश कप्तान द्वारा वनडे क्रिकेट में लगाया गया संयुक्त रूप से सबसे तेज शतक है।
अपनी 136 रनों की नाबाद पारी में ब्रूक ने 11 चौके और 9 गगनचुंबी छक्के जड़े। उन्होंने जो रूट के साथ मिलकर चौथे विकेट के लिए मात्र 113 गेंदों पर 191 रनों की अटूट साझेदारी की। इस विशाल प्रदर्शन की मदद से इंग्लैंड ने 50 ओवर में 357/3 का स्कोर खड़ा किया। लक्ष्य का पीछा करते हुए श्रीलंका की टीम ने भी अच्छी चुनौती पेश की। पवन रतनायके ने 121 रनों की शानदार शतकीय पारी खेली, लेकिन इंग्लैंड के स्पिन आक्रमण (विल जैक्स, लियम डॉसन और आदिल रशीद) ने नियमित अंतराल पर विकेट लेकर श्रीलंका को 304 रनों पर समेट दिया। ब्रूक की इस पारी ने न केवल सीरीज जिताई, बल्कि हालिया विवादों के बाद टीम में उनके नेतृत्व कौशल और भरोसे को फिर से स्थापित किया है। एशेज की हार के बाद इंग्लैंड के लिए यह एक बड़ी मानसिक जीत है।