Pit Bull Loyalty Story: एक तरफ जहां कुत्तों को शहर से बाहर करने को लेकर बहस चल रही है, कुछ लोग कुत्तों को हिंसक बता रहे हैं, वहीं कुत्तों की वफादारी को लेकर लगातार खबरें सामने आ रही हैं। कुत्तों की वफादारी की ये कहानियां भावुक कर रही हैं। लगता है कुत्ते अपनी वफादारी से इंसान को यह मैसेज देना चाहते हैं कि वे उनके दोस्त हैं और उनके साथ रहना चाहते हैं। कुत्ते की वफादारी की एक ऐसी ही शानदार कहानी सामने आई है।
दरअसल, हिमाचल प्रदेश के चंबा में बर्फीले तूफान के बीच एक पिटबुल ने चार दिन तक अपने मृत मालिक का साथ नहीं छोड़ा। माइनस तापमान में उसकी वफादारी ने हर किसी को इमोशनल कर दिया। उसने इस कदर अपने मालिक के शव की रक्षा कि जब रेस्क्यू टीम वहां पहुंची तो उसे भी उसने पास नहीं आने दिया।
सोशल मीडिया में बर्फ से ढकी पहाड़ियों और जानलेवा ठंड के बीच एक पिटबुल कुत्ते ने अपने मालिक की मौत के बाद भी उसका साथ नहीं छोड़ने की ये कहानी वायरल है। यह कहानी न सिर्फ दुखद है, बल्कि दिल को छू लेने वाली भी है।
क्या है पूरा मामला : दरअसल, पियूष और उसका चचेरा भाई चंबा घाटी में ट्रेक पर निकले थे। इसी दौरान इलाके में अचानक भीषण बर्फबारी और तेज बर्फीला तूफान आ गया। खराब मौसम की वजह से दोनों रास्ता भटक गए और माइनस तापमान में फंस गए। उनके साथ पियूष का पालतू पिटबुल कुत्ता भी था।
परिवार और स्थानीय प्रशासन की तरफ से जब दोनों की तलाश शुरू की गई, तब तक बहुत देर हो चुकी थी। ज्यादा ठंड और मौसम की मार के कारण दोनों युवकों की मौत हो चुकी थी। जब रेस्क्यू टीम पियूष के शव तक पहुंची, तो एक हैरान कर देने वाला दृश्य सामने आया। पियूष का पिटबुल ठीक उसके पास बैठा हुआ था। बताया जा रहा है कि यह कुत्ता लगातार चार दिन तक सब-जीरो तापमान में अपने मालिक के शव के पास डटा रहा। न खाने की चिंता, न अपनी जान की बस अपने मालिक की रखवाली। कुत्ता इतना सतर्क और रक्षक भाव में था कि शुरुआत में उसने रेस्क्यू टीम को शव के पास आने तक नहीं दिया।
रेस्क्यू टीम को काफी मशक्कत के बाद स्थिति संभालनी पड़ी। पियूष के चचेरे भाई का शव भी पास ही एक पहाड़ी ढलान से बरामद किया गया। इसके बाद दोनों शवों और कुत्ते को हेलीकॉप्टर की मदद से सुरक्षित बाहर निकाला गया। इस पूरे रेस्क्यू ऑपरेशन का एक वीडियो भी सामने आया है, जिसमें कुत्ते को मजल पहनाकर सुरक्षित ले जाया जा रहा है। हैरानी की बात यह रही कि कुत्ता अपने मालिक की मौत से अनजान, पूंछ हिलाते हुए लोगों के साथ चलता नजर आया। यह दृश्य वहां मौजूद हर व्यक्ति की आंखें नम कर गया।
यह घटना एक बार फिर साबित करती है कि जानवरों की वफादारी किसी भी हालात में डगमगाती नहीं। जहां इंसान कई बार रिश्तों में शर्तें जोड़ देता है, वहीं एक कुत्ता बिना किसी स्वार्थ के आखिरी सांस तक साथ निभाता है। हिमाचल की बर्फीली वादियों में लिखी गई यह कहानी हमेशा इंसानियत और वफादारी की मिसाल बनकर याद रखी जाएगी।
Edited By: Navin Rangiyal