लखनऊ। गणतंत्र दिवस के दिन बाल मजदूर की मौत के मामले में श्रम विभाग ने संज्ञान लिया है। इस मामले में प्रमुख सचिव श्रम के आदेश पर अपर श्रम आयुक्त ने दो लेबर इंस्पेक्टरों की टीम का गठन किया है। वहीं गठित टीम ने बुधवार तालकटोरा क्षेत्र जाकर मामले की जानकारी जुटाई है। थाने से मामले की जानकारी करने के साथ ही परिजनों से भी सम्पर्क किया है।
गौरतलब है कि तालकटोरा थाना इलाके के आलम नगर स्थित वेयर हाउस के पास गणतंत्र दिवस की छुट्टी के बाद भी अंडर पास में खुदाई का काम चल रहा था। इस काम के लिए सीतापुर के कचनार इलाके के रहने वाले 12 लोग काम में लगाए गए थे। इस दौरान मिट्टी बैठने से विपिन (15) पुत्र राम सेवक निवास कचनार सीतापुर की दबने से मौत हो गई थी। जबकि सुल्तानपुर के नवागांव निवासी रोहित और सीतापुर के कचनार के विनीत घायल हो गए थे। सूचना मिलने पर पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया था। मंगलवार विपिन के शव का पोस्टमार्टम कर परिजनों के सुपुर्द कर दिया गया। देर शाम परिजनों ने अंतिम क्रिया कर दी थी। इस मामले में रेलवे पुलिसकर्मियों का कहना था कि काम जलकल विभाग का चल रहा था। वहीं जलकल विभाग के जीएम कुलदीप सिंह ने उनके विभाग का कोई भी काम मौके पर होने से साफ़ इंकार किया था। इसके अतिरिक्त सेतु निगम विभाग का नाम भी इसमें आया था। सेतु निगम के जीएम केके श्रीवास्तव का कहना है कि उन्होंने मौके पर जेई को भेजकर जांच कराई थी। इस दौरान रेलवे का काम किये जाने की जानकारी सामने आई थी। वहीं अब इस पूरे मामले को लेकर श्रम विभाग भी एक्टिव हो गया है। अपर श्रम आयुक्त कल्पना श्रीवास्तव ने इस मामले में दो लेबर इंस्पेक्टर यदुवेन्द्र सिंह और संतोष सिंह की अगुवाई में टीम का गठन किया है। यह दोनों लेबर इंस्पेक्टर पूरे मामले की रिपोर्ट तैयार कर अपर श्रम आयुक्त को भेजेंगे जिसके बाद श्रम कानून के तहत कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।
इस पूरे मामले में दो लेबर इंस्पेक्टर यदुवेन्द्र और संतोष की टीम का गठन किया है। उन्हें मौके पर जाकर जांच के आदेश दिए गए हैं। उनके द्वारा भेजी गई रिपोर्ट के आधार पर कार्रवाई की जायेगी। - कल्पना श्रीवास्तव,अपर श्रम आयुक्त
तालकटोरा इलाके में हुए हादसे के मामले में मौके पर जाकर जानकारी जुताई गई है। यह काम रेलवे विभाग द्वारा कराया जा रहा था। इस काम के लिए उन्होंने नल निगम को टेंडर दिया था। रेलवे के अधिकारीयों से संपर्क कर इस मामले में जानकारी मांगी गई है। -यदुवेन्द्र सिंह, लेबर इंस्पेक्टर