यह किस्सा स्वयं अजित पवार ने एक बार साझा किया था। दरअसल, वे पहले घर बनाना चाहते थे, उसके बाद ही विवाह करना चाहते थे। उन्होंने एक बार कहा था- 'म्हणून मी लग्न घर बनवूनच करेन' अर्थात वे जब तक शादी नहीं करेंगे तब वे अपना खुद का घर न बना लें। उन्होंने बताया कि 1980 के दशक में सीमेंट की बड़ी किल्लत थी। उन्होंने निंबाळकर साहेब से 1000 सीमेंट की बोरियां लीं, जिसकी मदद से उनका घर बना और इसके बाद अजित पवार ने विवाह किया।
इस तरह हुई सुनेत्रा से मुलाकातअजित पवार और उनकी पत्नी सुनेत्रा पवार की मुलाकात की कहानी भी कम रोचक नहीं है। कहा जाता है कि उनकी सुनेत्रा से पहली मुलाकात प्रतिभा काकी (उनकी पत्नी की रिश्तेदार) ने पहली बार कराई थी। इसके बाद उनकी प्रेम कहानी की शुरुआत हुई। जब वे मिले तो अजित को लगा कि दोनों का रहन-सहन और सब कुछ एक जैसा है, इसलिए जीवन साथ में बिताना आसान होगा। आगे जाकर दोनों की शादी हो गई। अजित की पत्नी सुनेत्रा इस समय राज्यसभा सदस्य हैं।
चुप रहना बेहतरअजित पवार का मानना था कि कभी-कभी चुप रहना भी बेहतर होता है। उन्होंने एक साक्षात्कार में कहा था कि कैसे कभी-कभी खामोशी रखना भी एक रणनीति बन सकती है। उन्होंने कहा था कि खास तौर पर जब आप उच्च पद पर होते हैं तो कई बार अपनी बातों पर ध्यान देना और चुप रहना ज्यादा बेहतर होता है। यह बताता है कि वे सार्वजनिक तौर पर हर समय जवाब देने में विश्वास नहीं रखते थे और समय देखकर बोलना ज्यादा जरूरी मानते थे। इससे जाहिर होता है कि कैसे कभी-कभी खामोशी रखना भी एक रणनीति बन सकती है।
मुझे मुख्यमंत्री बनना है... अजित पवार के अपने चाचा और महाराष्ट्र के दिग्गज नेता शरद पवार के साथ भी रिश्ते उतार-चढ़ाव वाले रहे हैं। हालांकि शरद पवार के प्रति उनका सम्मान कभी भी कम नहीं हुआ। राजनीति में दोनों साथ-साथ भी चले, फिर रास्ते अलग भी हुए। एक बार अजित पवार ने सार्वजनिक रूप से अपने चाचा शरद से कहा था- आपकी उम्र 82 हो गई है, मुझे मुख्यमंत्री बनना है। यह बयान बताता है कि वे अपनी बात को सीधे-सीधे बिना किसी लाग-लपेट के रख देते थे। एक अवसर वह भी था, जब उन्होंने बिना सूचना दिए चाचा शरद पवार के 84वें जन्मदिन पर उनसे मुलाकाता की थी, खासकर उस समय जब उनके बीच राजनीतिक दूरियां थीं। वे निजी रिश्तों को राजनीति से ऊपर रखते थे।
Edited by: Vrijendra Singh Jhala