मुंबई। महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री अजित पवार का बुधवार को बारामती एयरपोर्ट पर एक विमान दुर्घटना में निधन हो गया। वह जिला परिषद चुनावों के लिए एक रैली में भाग लेने के लिए बारामती जा रहे थे। इस घटना ने न केवल महाराष्ट्र बल्कि पूरे देश में शोक की लहर पैदा कर दी। उनका अंतिम संस्कार आज बारामती के विद्या प्रतिष्ठान मैदान में किया गया, जहां उन्हें अंतिम विदाई दी गई। इस बीच, शिवसेना (UBT) के सांसद संजय राउत ने घटना की जांच की मांग की है।
संजय राउत की मांग: सिर्फ संवेदनाएं काफी नहीं
संजय राउत ने इस घटना पर गहरा दुख व्यक्त करते हुए जांच की पारदर्शिता पर सवाल उठाए हैं। उन्होंने कहा कि अजित पवार जैसे बड़े नेता की मौत को महज एक 'हादसा' कहकर नहीं छोड़ा जा सकता। उन्होंने मांग की कि इस दुर्घटना की पूरी और पारदर्शी जांच होनी चाहिए।
राउत ने यह भी सवाल उठाया कि क्या यह विमान की तकनीकी खराबी थी, रडार की विफलता थी या एयरपोर्ट प्रबंधन की कोई चूक? उन्होंने कहा कि सच्चाई जनता के सामने आनी चाहिए ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोका जा सके। उन्होंने पिछले विमान हादसों का जिक्र करते हुए पूछा कि क्या उन जांचों से कुछ हासिल हुआ? राउत ने कहा कि अजित पवार एक प्रभावशाली नेता थे और उनका जाना महाराष्ट्र की राजनीति में एक बड़ा शून्य छोड़ गया है।
ब्लैक बॉक्स बरामद
जांच अधिकारियों ने दुर्घटना स्थल से वॉयस रिकॉर्डर और फ्लाइट डेटा रिकॉर्डर (ब्लैक बॉक्स) बरामद कर लिया है। इससे विमान के अंतिम क्षणों की सटीक जानकारी मिल सकेगी। पुणे ग्रामीण पुलिस ने बारामती तालुका पुलिस स्टेशन में आकस्मिक मृत्यु रिपोर्ट (ADR) दर्ज की है।
नागरिक उड्डयन महानिदेशालय (DGCA) और अन्य तकनीकी टीमें इस बात की जांच कर रही हैं कि क्या दुर्घटना मानवीय चूक के कारण हुई या किसी यांत्रिक विफलता के कारण। अजित पवार का निधन एक ऐसा क्षण है जिसे भरना मुश्किल होगा। उनके राजनीतिक करियर में कई उतार-चढ़ाव आए, लेकिन उनकी लोकप्रियता हमेशा बनी रही।