भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो की कार्रवाई में नगरपालिका के स्टोरकीपर और अकाउंटेंट गिरफ्तार
Samachar Nama Hindi January 30, 2026 08:44 PM

राजस्थान में भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (ACB) लगातार सरकारी अधिकारियों और कर्मचारियों में फैले भ्रष्टाचार को रोकने के लिए सख्त कार्रवाई कर रही है। बावजूद इसके, कुछ सरकारी सेवक रिश्वत लेने और भ्रष्टाचार करने से बाज नहीं आ रहे हैं। ताजा मामला उपगढ़ से सामने आया है, जहां ACB की टीम ने नगरपालिका में विशेष छापेमारी कर दो कर्मचारियों को गिरफ्तार किया।

सूत्रों के अनुसार, स्टोरकीपर सुरेश कुमार और अकाउंटेंट सुनील कुमार को रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों पकड़ा गया। आरोप है कि दोनों ने 48,000 रुपये की रिश्वत लेने के दौरान ACB की टीम को पकड़ लिया। अधिकारियों का कहना है कि यह कार्रवाई भ्रष्टाचार के खिलाफ संदेश देने के उद्देश्य से की गई है और इससे यह साफ हो जाता है कि कोई भी सरकारी कर्मचारी कानून से ऊपर नहीं है।

ACB के वरिष्ठ अधिकारियों ने बताया कि टीम ने सूचना के आधार पर कार्रवाई की। प्रारंभिक जांच में यह स्पष्ट हुआ कि दोनों कर्मचारी नगरपालिका में संसाधनों के वितरण और फंड संबंधित कामकाज में अनियमितताओं का लाभ उठाकर रिश्वत ले रहे थे। अधिकारियों ने कहा कि अब आगे की जांच में यह पता लगाया जाएगा कि क्या और कोई कर्मचारी या बाहरी व्यक्ति इस भ्रष्टाचार में शामिल था।

उपगढ़ नगरपालिका में यह घटना जनता के लिए भी चिंता का विषय है। आम नागरिकों का कहना है कि सरकारी कामकाज में पारदर्शिता और जवाबदेही जरूरी है। उनका मानना है कि यदि भ्रष्टाचारियों को पकड़कर सजा नहीं दी जाती, तो ऐसे मामले लगातार बढ़ते रहेंगे। इस कार्रवाई से नागरिकों में थोड़ी राहत जरूर महसूस हो रही है।

राजस्थान में ACB की कार्रवाई लगातार जारी है। पिछले कुछ महीनों में कई राजस्व, नगरपालिका और अन्य विभागों के कर्मचारियों को रिश्वत लेते हुए पकड़ा गया है। विशेषज्ञों का कहना है कि भ्रष्टाचार रोकने के लिए नियमित निगरानी, शिकायत प्रणाली और सख्त कार्रवाई की आवश्यकता है। ACB की लगातार कार्रवाई इसका एक जीवंत उदाहरण है।

मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, उपगढ़ मामले में ACB की टीम ने गिरफ्तार कर्मचारियों को पुलिस हिरासत में लिया है और उनसे पूछताछ की जा रही है। मामले की गंभीरता को देखते हुए जांच को तेजी से पूरा करने और सभी आरोपियों तक पहुंचने की कोशिश की जा रही है।

राज्य सरकार ने भी इस मामले पर प्रतिक्रिया दी है। अधिकारियों ने कहा कि भ्रष्टाचार के खिलाफ कोई समझौता नहीं होगा और दोषियों को कानूनी दंड दिया जाएगा। साथ ही, कर्मचारियों को चेतावनी दी गई है कि किसी भी तरह की अनुचित गतिविधि में शामिल होने पर उन्हें सजा भुगतनी पड़ेगी।

इस घटना से यह स्पष्ट हो गया है कि राजस्थान में भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो का अभियान प्रभावी है, लेकिन सरकारी कर्मचारियों और अधिकारियों में नैतिकता और जवाबदेही की कमी अभी भी बड़ी चुनौती है। ACB की कार्रवाई इस दिशा में एक सशक्त संदेश है कि भ्रष्टाचार की किसी भी किस्म को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।

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