मध्य प्रदेश: पूर्व स्वास्थ्य सेवा निदेशक अमरनाथ मित्तल की 9.79 करोड़ की संपत्ति ईडी ने कुर्क की
Indias News Hindi January 31, 2026 10:43 PM

Bhopal , 31 जनवरी . Enforcement Directorate (ईडी) के Bhopal जोनल कार्यालय ने मनी लॉन्ड्रिंग के एक मामले में बड़ी कार्रवाई करते हुए Madhya Pradesh Government के तत्कालीन स्वास्थ्य सेवा निदेशक डॉ. अमरनाथ मित्तल और उनकी पत्नी अलका मित्तल की लगभग 9.79 करोड़ रुपये मूल्य की चल-अचल संपत्तियां अस्थायी रूप से कुर्क कर ली हैं. यह कार्रवाई धन शोधन निवारण अधिनियम (पीएमएलए), 2002 के तहत की गई है.

ईडी ने यह जांच लोकायुक्त, Bhopal द्वारा दर्ज First Information Report के आधार पर शुरू की थी. First Information Report भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम, 1988 की धारा 13(1)(ब) और 13(2) (संशोधित) के तहत दर्ज की गई थी, जिसमें आरोप है कि डॉ. अमरनाथ मित्तल ने अपनी ज्ञात आय से कहीं अधिक संपत्ति अर्जित की.

ईडी की जांच में सामने आया कि जांच अवधि के दौरान डॉ. अमरनाथ मित्तल की वैध आय लगभग 60 लाख रुपये थी, जबकि उनके द्वारा अर्जित संपत्तियों और किए गए खर्च की कुल राशि करीब 2.98 करोड़ रुपये पाई गई. इस तरह उनके पास लगभग 2.38 करोड़ रुपये की अनुपातहीन संपत्ति पाई गई.

जांच एजेंसी के अनुसार, डॉ. मित्तल ने बड़ी मात्रा में चल और अचल संपत्तियां न केवल अपने नाम पर, बल्कि अपनी पत्नी और ए.एन. मित्तल एचयूएफ (हिंदू अविभाजित परिवार) के नाम पर भी खरीदीं. इससे संपत्ति के वास्तविक स्वामित्व को छिपाने और अवैध धन के स्रोत को वैध दिखाने की कोशिश का संकेत मिलता है.

जांच में यह भी सामने आया कि संपत्तियों की खरीद में अघोषित नकदी, अस्पष्ट बैंक जमा और परतदार (लेयर्ड) वित्तीय लेनदेन का इस्तेमाल किया गया. इसके अलावा, आरोपी द्वारा किए गए कई व्यक्तिगत और घरेलू खर्चों का कोई ठोस लेखा-जोखा नहीं मिला. ईडी का कहना है कि आरोपी ने अपनी और पत्नी की सीमित वैध आय के साथ अवैध धन को मिलाकर उसे वैध आय के रूप में पेश करने का प्रयास किया.

ईडी की जांच में यह भी खुलासा हुआ कि ए.एन. मित्तल ने वर्ष 2012 में First Information Report दर्ज होने से पहले खरीदी गई संपत्तियों को बेचकर, उसके बाद उन पैसों को नई चल-अचल संपत्तियों की खरीद में लगाया. एजेंसी के मुताबिक, First Information Report दर्ज होने के बाद पुरानी संपत्तियों की बिक्री से अर्जित लाभ भी अपराध की आय का ही हिस्सा है, जिसे इस अस्थायी कुर्की आदेश में शामिल किया गया है.

कुर्क की गई संपत्तियों में दीर्घकालिक पूंजीगत लाभ बांड और आवासीय और कृषि भूमि शामिल हैं, जो Bhopal और रायसेन जिलों में स्थित हैं. ईडी ने बताया कि इस मामले में आगे की जांच जारी है.

डीएससी

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