कांग्रेस ने आतंकवाद के खिलाफ नहीं किया कुछ… संसद में बरसे तेजस्वी सूर्या, राहुल गांधी को करना पड़ा पलटवार
TV9 Bharatvarsh February 02, 2026 07:43 PM

संसद के बजट सत्र के चौथे दिन लोकसभा में राष्ट्रपति के अभिभाषण पर धन्यवाद प्रस्ताव पर चर्चा के दौरान बीजेपी सांसद तेजस्वी सूर्या ने केंद्र सरकार का जोरदार समर्थन किया और कांग्रेस तथा राहुल गांधी पर तीखा हमला बोला. यह धन्यवाद प्रस्ताव केंद्रीय मंत्री सर्बानंद सोनोवाल की ओर से पेश किया गया था.

सूर्या ने आतंकवाद और नक्सलवाद पर यूपीए सरकार के रुख पर भी हमला किया. जिससे हंगामा हुआ. उन्होंने कहा कि यूपीए सरकार ने आतंकवाद से निपटने के लिए कुछ नहीं किया, जबकि मोदी सरकार ने सैन्य हमलों से जवाबी कार्रवाई की है. इस दौरान तेजस्वी ने यूपीए सरकार के समय के आंकड़े भी संसद में बताए.

तेजस्वी ने कहा कि आज नक्सली देश केवल कुछ ही जिलों में बचे हैं, जो एक समय पर 100 से ज्यादा जिलों में हुआ करते थे. 2014 में सत्ता में आने के बाद, नरेंद्र मोदी सरकार ने आतंकवाद के खिलाफ एक मजबूत और निर्णायक जवाब देने का वादा किया था. राष्ट्रपति के भाषण में उल्लेख किया गया था कि भारत ने आतंकवाद के खिलाफ लड़ाई में अपनी शक्ति का उपयोग जिम्मेदारी और विवेक के साथ किया है. आतंकवाद के खिलाफ लड़ाई में अपने संसाधनों का उपयोग किया है. ऐसा पहले कभी नहीं किया गया. तेजस्वी के इन्हीं आरोपों पर संसद में राहुल गांधी ने कहा कि इनका जवाब तो देना ही होगा. जिसपर जमकर हंगामा हुआ.

95 चुनाव हार चुके राहुल

अपने संबोधन में तेजस्वी सूर्या ने कहा कि पिछले 12 वर्षों में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की लोकप्रियता लगातार बढ़ी है, जो जनता के भरोसे और सरकार के कामकाज का प्रमाण है. उन्होंने कांग्रेस पर निशाना साधते हुए कहा कि कांग्रेस ने कभी भी भारत की संस्कृति और सभ्यता की बात नहीं की, जबकि मौजूदा सरकार भारतीय मूल्यों और परंपराओं को मजबूती से आगे बढ़ा रही है.

राहुल गांधी पर हमला बोलते हुए तेजस्वी सूर्या ने कहा कि राहुल गांधी के नेतृत्व में कांग्रेस और इंडिया गठबंधन अब तक 95 चुनाव हार चुके हैं. तंज कसते हुए उन्होंने कहा, मैं राहुल गांधी को शतक लगाने की अग्रिम शुभकामनाएं देता हूं. आप तमिलनाडु, बंगाल, केरल—हर जगह से खाली होते जाएंगे.

12 सालों में 24 करोड़ लोगों को निकाला गरीबी से बाहर

यूपीए सरकार की तुलना करते हुए तेजस्वी सूर्या ने कहा कि उन्होंने 2009 से 2013 तक के राष्ट्रपति के अभिभाषणों को पलटकर देखा है. उन्होंने कहा कि यूपीए के 10 साल पॉलिसी पैरालिसिस और भ्रष्टाचार के साल थे. 2011 के राष्ट्रपति अभिभाषण का हवाला देते हुए उन्होंने कहा कि उस समय राष्ट्रपति को यह कहना पड़ा था कि भ्रष्टाचार का सबसे ज्यादा नुकसान गरीबों को होता है, जबकि आज के अभिभाषणों में भ्रष्टाचार का जिक्र करने की जरूरत ही नहीं पड़ती.

उन्होंने कहा कि नरेंद्र मोदी सरकार के 12 वर्षों में 24 करोड़ लोगों को गरीबी से बाहर निकाला गया है. यह राष्ट्रपति का पहला अभिभाषण ऐसे समय में आया है, जब वैश्विक मंदी के बावजूद भारत आर्थिक रूप से मजबूत स्थिति में खड़ा है.

2013 के बाद बदली देंश की स्थतियां- सूर्या

आतंकवाद और वामपंथी उग्रवाद पर कांग्रेस को घेरते हुए उन्होंने पुराने आंकड़े गिनाए और कहा कि यूपीए शासन के दौरान देश को इन समस्याओं से जूझना पड़ा. उन्होंने सवाल उठाया कि 2013 के बाद इन चुनौतियों की स्थिति में क्या बदलाव आया, और इसकी तुलना मौजूदा सरकार की कड़ी नीति से की.

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