दिल्ली पुलिस में कमांडो के पद पर तैनात काजल की मौत के मामले में अब रोंगटे खड़े कर देने वाले खुलासे हुए हैं। सोनीपत की रहने वाली काजल की हत्या के पीछे की वजह सिर्फ एक ‘झूठ’ और भारी-भरकम ‘लोन’ का बोझ बनी। काजल की मां मीना ने इस खौफनाक रात की पूरी कहानी बयां की है, जिसमें पति की हैवानियत और सोची-समझी साजिश साफ झलक रही है।
आखिर उस रात हुआ क्या था?काजल की मां मीना के मुताबिक, 22 जनवरी की रात काजल और उसके पति अंकुर के बीच जबरदस्त बहस हुई थी। इस झगड़े के दौरान काजल ने गुस्से में आकर अपने भाई निखिल को फोन लगा दिया। असल में काजल ने शादी के लिए 5 लाख रुपये के लोन की बात कही थी, लेकिन सच्चाई कुछ और थी। उसने फोन पर रोते हुए भाई को बताया कि लोन 5 नहीं बल्कि 10 लाख रुपये का है। उसने यह भी बताया कि अंकुर ने उसकी सैलरी पर इतना कर्ज ले रखा है कि उसके पास एक पैसा भी नहीं बचता और किस्तें सैलरी से भी ज्यादा जा रही हैं।
“रिकॉर्डिंग कर ले, सबूत के काम आएगी”जैसे ही काजल ने लोन की पोल खोली, अंकुर आगबबूला हो गया। उसने काजल से फोन छीन लिया और साले निखिल को फोन पर ही धमकी देते हुए कहा, “तेरी बहन को मार रहा हूं, रिकॉर्डिंग कर ले, बाद में सबूत के काम आएगी।” इतना कहते ही अंकुर ने पास में रखे जिम के डंबल से काजल के सिर पर जोरदार हमला कर दिया। फोन चालू था और दूसरी तरफ निखिल ने अपनी बहन की आखिरी चीख सुनी, जिसके बाद फोन कट गया।
अस्पताल में तोड़ा दमहमले के कुछ ही देर बाद अंकुर ने फिर निखिल को फोन किया और बेहद ठंडे लहजे में कहा कि दिल्ली आ जा, तेरी बहन को मार दिया है। गंभीर हालत में काजल को पहले एक प्राइवेट अस्पताल में भर्ती कराया गया, लेकिन कोई सुधार नहीं हुआ। इसके बाद 27 जनवरी को उसे गाजियाबाद के एक अस्पताल में ले जाया गया, जहाँ डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। एक मामूली लोन की बात छिपाने के चक्कर में एक हंसते-खेलते परिवार का अंत हो गया और एक बहादुर कमांडो की जान चली गई।