Shab-E-Barat 2026: देशभर में आज 3 फरवरी 2026 की रात शब-ए-बारात पूरे अकीदत और एहतराम के साथ मनाई जा रही है. शब-ए-बारात इस्लाम की चार पवित्र रातों में एक है. इस रात मुस्लिम समुदाय के लोग जागकर दुआ, नमाज, कुरान की तिलावत आदि करते हैं और बुरे कामों से तौबा करते हैं. ऐसी मान्यता है कि, शब-ए-बारात पर अल्लाह गुनाहों को माफ करने से सारे दरवाजे खोल देता है.
शब-ए-बारात की रात मुस्लिम समुदाय के लोग पूर्वजों के कब्रिस्तान जाकर फूल चढ़ाते हैं, मोमबत्तियां जलाते हैं और फातिहा पढ़ते हैं. आज शब-ए-बारात के मौके पर मुस्लिम समुदाय के लोग बड़ी संख्या में मस्जिदों, दरगाहों और कब्रिस्तानों में पहुंचकर इबादत और दुआओं में मशगूल नजर आ रहे हैं. बता दें कि शब-ए-बारात को रहमत और मगफिरत की रात कहा गया है, इसलिए पूरी रात इबादत का सिलसिला जारी रहेगा.

शब-ए-बारात के मौके पर लोग अपने पुरखों की कब्रों पर पहुंचकर फातिहा पढ़ रहे हैं और उनके लिए दुआएं कर रहे हैं. कब्रिस्तानों में खास रौनक देखने को मिल रही है. कई जगहों पर कब्रिस्तानों में रोशनी, साफ-सफाई और सुरक्षा के विशेष इंतजाम किए गए है, जिससे कि लोगों को किसी तरह की परेशानी न हो.

मस्जिदों और दरगाहों को रंग-बिरंगी लाइटों से सजाया गया है. रात भर नमाज, कुरआन की तिलावत और दुआओं का सिलसिला चलता रहेगा. धार्मिक स्थलों पर मुसलमानों की आवाजाही को देखते हुए स्थानीय प्रशासन भी पूरी तरह मुस्तैद नजर आ रहा है.

संवेदनशील इलाकों में पुलिस बल की अतिरिक्त तैनाती की गई है. जगह-जगह पुलिस गश्त कर रही है, वहीं कुछ क्षेत्रों में सीसीटीवी कैमरों से भी निगरानी की जा रही है. प्रशासन की ओर से अपील की गई है कि लोग शांति और सौहार्द के साथ शब-ए-बारात मनाएं और कानून-व्यवस्था बनाए रखने में सहयोग करें.
Shab-E-Barat 2026: शब-ए-बारात कैसे मनाएं मुसलमान, इस्लामिक सेंटर ऑफ इंडिया ने जारी की एडवाइजरी
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