नई दिल्ली। भारत और अमेरिका के बीच हुए व्यापार समझौते पर विपक्ष ने सवाल उठाना शुरू कर दिया है। समाजवादी पार्टी के नेता अखिलेश यादव ने इसे किसानों के खिलाफ करार दिया है। उनका कहना है कि भाजपा ने एक बार फिर किसानों पर हमला किया है और उन्हें यह बताना चाहिए कि उन पर क्या दबाव है। कांग्रेस ने भी इस समझौते को गंभीर सामरिक मुद्दों से जोड़ा है। विपक्षी दलों ने इस डील को किसानों के हितों के खिलाफ बताते हुए कई सवाल उठाए हैं, जबकि सरकार इसे घरेलू उद्योग, MSMEs और किसानों के लिए नए अवसरों का कदम मानती है।
अखिलेश यादव ने इस समझौते को किसानों के साथ धोखा बताते हुए कहा कि भारतीय बाजार को अमेरिकी कृषि उत्पादों के लिए खोलना देश की खेती पर निर्भर 70 प्रतिशत जनसंख्या के हितों के खिलाफ है। उन्होंने चेतावनी दी कि इससे किसानों की आय में कमी आएगी और खाद्यान्न बाजार में मुनाफाखोरी बढ़ सकती है।
उन्होंने कहा कि इससे महंगाई में वृद्धि होगी और किसान मजबूर होकर अपनी जमीन बड़े कॉरपोरेट्स को बेचने पर विवश हो सकते हैं। अखिलेश ने भाजपा पर किसान विरोधी होने का आरोप लगाते हुए कहा कि 'BJP हटाओ, किसान बचाओ' अब समय की मांग है।