Budhwar Upay: क्या आपका बच्चा पढ़ाई में है कमजोर? बुधवार को करें ये उपाय
TV9 Bharatvarsh February 04, 2026 11:43 AM

Budhwar Ke Upay: आज कल बच्चों का पढ़ाई में मन न लगना बड़ी आम समस्या है. बच्चों का पढ़ाई में मन न लगने से उनके माता-पिता को हमेशा चिंता रहती है. हिंदू धर्म और ज्योतिष शास्त्र में बुधवार का दिन विशेष रूप से प्रभावी माना जाता है. चूंकि, ये दिन बुद्धि के देवता भगवान गणेश और बुध ग्रह को समर्पित किया गया है. गणेश जी बुद्धि के देवता हैं, जबकि बुध ग्रह बुद्धि और संवाद का कारक माने जाते हैं.

अगर आपके भी बच्चों का मन पढ़ाई में नहीं या लगता या बच्चे पढ़ाई में कमजोर हैं, तो इस दिन कुछ खास उपाय करें. ज्योतिष शास्त्र की मान्यताओं के अनुसार, इन उपायों को करने से बच्चों का पढ़ाई में मन लगने लगता है. उनकी स्मरण शक्ति मजबूत हो जाती है. साथ ही बच्चों का आत्मविश्वास भी बढ़ता है.

पढ़ाई की जगह पर हरे रंगों करें उपयोग

रंग बच्चों के मनोविज्ञान और उर्जा पर गहरा प्रभाव डालते हैं, इसलिए पढ़ाई की मेज और कमरे में हल्के हरे या हल्के पीले रंग का इस्तेमाल करें. हरा रंग बुध देव का प्रतीक माना जाता है. ये बच्चों के ज्ञान और मानसिक संतुलन को बढ़ाता है.

सरस्वती यंत्र की स्थापना करें

बुधवार के दिन बच्चों के पढ़ाई के स्थान पर सरस्वती यंत्र की स्थापना करें. इसके साथ ही बच्चों को कहें कि वो रोजाना सरस्वती यंत्र की पूजा करें. इस उपाय से बच्चों की स्मरण शक्ति बढ़ेगी और पढ़ाई में मन लगना शुरू होगा.

बच्चों से पांच मिनट ध्यान लगवाएं

बुधवार के दिन बच्चों को कहें कि वो पढ़ाई शुरू करने से पहले पांच मिनट ध्यान लगाएं. ध्यान के दौरान हरे रंग की मोमबत्ती जलाएं. इससे बुध ग्रह बलवान होते हैं और बच्चों का मन शांत होता है.

बच्चों को गंगाजल में तुलसी मिलाकर दें

बुधवार के दिन बच्चों को गंगाजल में तुलसी के 2-3 पत्ते मिलाकर दें. इससे बुद्धि और स्मरण शक्ति को बढ़ती है. तुलसी के पत्तों का नियमित सेवन बच्चों के दिमाग को सक्रिय रखता है.

बच्चों को हरे रंग के वस्त्र पहनाएं

बुधवार को बच्चों को हरे रंग के वस्त्र पहनाएं. ज्योतिष शास्त्र के अनुसार, हरे रंग के वस्त्र पहनने से बुध मजबूत होता है और बच्चों को मानसिक संतुलन प्रदान करता है. साथ ही, बच्चों को हरे रंग की किताब या पेन का उपयोग करने के लिए कहें.

ये भी पढ़ें: Antim Sanskar Rituals: क्यों है मृत व्यक्ति के पैर छूने की परंपरा, क्या है इसके पीछे की वजह?

Disclaimer: इस खबर में दी गई जानकारी धार्मिक मान्यताओं और ज्योतिष पर आधारित है. इसकी वैज्ञानिक पुष्टि नहीं है और न ही टीवी9 भारतवर्ष पुष्टि करता है.

© Copyright @2026 LIDEA. All Rights Reserved.