कहा, यह ट्रेड डील देशवासियों के लिए शुभ संकेत
भारत-अमेरिका व्यापार समझौता अपडेट, बिजनेस डेस्क : भारत और अमेरिका के बीच व्यापार समझौते पर इस सप्ताह हस्ताक्षर होने की उम्मीद है। विदेश मंत्री एस. जयशंकर के वर्तमान अमेरिकी दौरे के दौरान इस पर हस्ताक्षर होने की संभावना जताई जा रही है। सोमवार को अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने घोषणा की थी कि दोनों देशों के बीच व्यापार समझौते पर सहमति बन गई है। इसके साथ ही उन्होंने अमेरिकी टैरिफ में कमी का भी ऐलान किया। उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने कहा कि यह भारत की अर्थव्यवस्था को आगे बढ़ाने में सहायक होगा।
गोयल ने बताया कि प्रधानमंत्री मोदी ने राष्ट्रपति ट्रंप के साथ अपनी मित्रता के माध्यम से इस व्यापार डील को तय किया है। यह हमारे पड़ोसी देशों और प्रतिस्पर्धी देशों के मुकाबले सबसे बेहतर डील है। यह देशवासियों के लिए एक सकारात्मक संकेत है। हमारी नेगोशिएटिंग टीम कई महीनों से अमेरिका के अधिकारियों और मंत्रियों के साथ बातचीत कर रही थी। कई जटिल मुद्दे थे, जिनका समाधान किया गया। भारत पर 50 प्रतिशत रेसिप्रोकल टैरिफ लगाया गया था, जिससे उद्योग और किसानों को परेशानी हो रही थी। वस्त्र क्षेत्र के लिए दरों में कमी की आवश्यकता थी। विपक्ष के नेता भी हमसे यही पूछ रहे थे कि कब आयात शुल्क कम होंगे।
उन्होंने कहा कि हमने देखा कि आरसीईपी, जिसमें कांग्रेस ने देश को झोंक दिया था, चीन के साथ फ्री ट्रेड डील करने जैसा था, उससे प्रधानमंत्री मोदी ने भारत को बचाया। इसके बाद भारत में चारों ओर से राहत की सूचना आई थी। पीएम मोदी ने हमेशा कृषि और डेयरी के हितों की रक्षा की है। इस क्षेत्र में लोगों को उज्ज्वल भविष्य और अवसर प्रदान करने के लिए लगातार प्रयास किए हैं।
पीएम ने कभी भी उनके हितों के साथ समझौता नहीं होने दिया और अमेरिकी व्यापार डील में भी भारत के संवेदनशील क्षेत्रों- कृषि और डेयरी को संरक्षित किया गया है। उद्योग मंत्री ने कहा कि मुझे विश्वास है कि इस व्यापार डील से हमारे एमएसएमई सेक्टर, इंजीनियरिंग सेक्टर (एयरक्राफ्ट, पार्ट्स, आदि), टेक्सटाइल क्षेत्र, जेम-ज्वैलरी सेक्टर, लेदर सेक्टर, और मरीन गुड्स सेक्टर को लाभ होगा।